‘बंगाल में “बदलाव” के बाद “बदले” की आग: नतीजों के बाद हिंसा में 4 की मौत; TMC दफ्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी से दहला राज्य!’
पश्चिम बंगाल: चुनावी नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी हिंसा, अब तक 4 लोगों की मौत और कई घायल। तृणमूल कांग्रेस के दफ्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी, पुलिस ने 80 लोगों को किया गिरफ्तार। चुनाव आयोग के सख्त निर्देश के बाद सुरक्षा बल अलर्ट पर। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक खान
कोलकाता (PNN24 News): पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य एक बार फिर हिंसा की आग में झुलस रहा है। 2021 की यादें ताज़ा करते हुए विभिन्न ज़िलों में झड़पें, हत्याएं और आगजनी की खबरें सामने आ रही हैं। चुनाव तो केंद्रीय बलों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण रहे, लेकिन नतीजों के बाद वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई है।
1. हिंसा का तांडव और मौतें
सोमवार रात से शुरू हुई इस हिंसा में अब तक कम से कम चार लोगों की जान जा चुकी है:
- हावड़ा (उदयनारायणपुर): बीजेपी समर्थक जादव बार की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई।
- न्यू टाउन (कोलकाता): बीजेपी कार्यकर्ता मधु मंडल की कथित रूप से विपक्षी समर्थकों ने हत्या कर दी।
- बीरभूम (नानूर): तृणमूल कांग्रेस समर्थक अबीर शेख की हत्या का मामला सामने आया है।
- बेलियाघाटा (कोलकाता): तृणमूल कार्यकर्ता विश्वजीत पटनायक का शव उनके घर के बाहर मिला, परिजनों ने बीजेपी पर आरोप लगाया है।
2. टीएमसी दफ्तरों और नेताओं पर हमले
बीजेपी को बहुमत मिलने के साथ ही राज्य के कई इलाकों में टीएमसी दफ्तरों में तोड़फोड़ की खबरें हैं। आसनसोल में पार्टी दफ्तर को आग के हवाले कर दिया गया। कोलकाता में पूर्व मंत्री अरूप विश्वास के दफ्तर में तोड़फोड़ हुई और भवानीपुर में एक पार्षद के दफ्तर को आग लगा दी गई।
3. प्रशासन की सख्ती और गिरफ्तारियां
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निर्देश के बाद पुलिस और प्रशासन एक्शन मोड में है:
- गिरफ्तारियां: कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद के अनुसार, अब तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और हथियार बरामद किए गए हैं।
- बुलडोजर पर रोक: विजय जुलूसों में जेसीबी या बुलडोजर के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
- सुरक्षा व्यवस्था: पूरे राज्य में 240 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात की गई हैं और पुलिस व केंद्रीय बलों का संयुक्त कंट्रोल रूम बनाया गया है।
4. राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
- अभिषेक बनर्जी (TMC): उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी राज्य भर में हिंसा फैला रही है और टीएमसी के 400 दफ्तरों व 150 उम्मीदवारों के घरों पर हमले हुए हैं।
- शमीक भट्टाचार्य (BJP): बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने हिंसा से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि पार्टी का कोई कार्यकर्ता इसमें शामिल नहीं है और हिंसक तत्वों को पार्टी से निकाला जाएगा।
- शुभेंदु अधिकारी (BJP): उन्होंने समर्थकों से शांति बनाए रखने और विपक्षी उकसावे में न आने की अपील की है।
📊 बंगाल हिंसा: एक नज़र में (Violence Snapshot)
| क्षेत्र/विवरण | घटना का प्रभाव | कार्रवाई/स्थिति |
| कुल मौतें | 04 (2 बीजेपी, 2 टीएमसी) | पुलिस जांच जारी |
| गिरफ्तारियां | 80 लोग विभिन्न इलाकों से | हथियार बरामदगी जारी |
| प्रभावित ज़िले | बीरभूम, नदिया, हावड़ा, बांकुड़ा, कोलकाता | सुरक्षा बल तैनात |
| पुलिस हताहत | संदेशखाली में SHO सहित 3 अधिकारी घायल | फायरिंग की घटना |
| प्रशासनिक रोक | विजय जुलूस में जेसीबी/बुलडोजर प्रतिबंधित | उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई |











