‘प्रयागराज में एंटी करप्शन का बड़ा धमाका: रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक अरविंद मिश्रा 8,000 की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार; कंडक्टर की ACR सही करने के नाम पर वसूल रहे थे रकम!’
प्रयागराज: एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई, रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक अरविंद मिश्रा 8,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार। बस परिचालक संगम सोनकर से ACR सही करने के नाम पर मांगी थी घूस। कैंट थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज। पढ़ें PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

तारिक खान
प्रयागराज (PNN24 News): उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार और घूसखोर अफसरों के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) प्रयागराज मंडल की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने रोडवेज (UPSRTC) के एक क्षेत्रीय प्रबंधक (Regional Manager) को अपने ही विभाग के एक संविदा बस कंडक्टर से 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार के इस खेल में फंसे आरोपी अधिकारी की पहचान अरविंद मिश्रा के रूप में हुई है, जो वर्तमान में प्रयागराज में तैनात हैं और मूल रूप से वाराणसी जनपद के फूलपुर क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
📋 कंडक्टर से मांगी थी घूस: ACR सही करने का सौदा
इस पूरी कार्रवाई की नींव प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र के निवासी और रोडवेज के बस परिचालक (कंडक्टर) संगम सोनकर की सजगता के कारण पड़ी:
- क्या था मामला: परिचालक संगम सोनकर ने एंटी करप्शन कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि जीरो रोड डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक अरविंद मिश्रा उनकी वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि (ACR – Annual Confidential Report) को सही करने और सेवा संबंधी अन्य दफ्तरिया कार्यों को आगे बढ़ाने के बदले लगातार मानसिक उत्पीड़न कर रहे थे।
- रिश्वत की डिमांड: क्षेत्रीय प्रबंधक ने इस सरकारी कार्य के बदले कंडक्टर संगम सोनकर से 8,000 रुपये की रिश्वत (Bribe) की डिमांड की थी। संगम रिश्वत देने के पक्ष में नहीं थे, इसलिए उन्होंने सीधे एंटी करप्शन टीम से संपर्क साधा।
💵 एंटी करप्शन टीम ने बिछाया जाल, कैंट थाने में मुकदमा दर्ज
परिचालक की शिकायत की प्राथमिक जांच करने के बाद एंटी करप्शन की टीम ने घूसखोर अधिकारी को दबोचने के लिए एक सुनियोजित जाल (Trap) बिछाया। तय रणनीति के तहत जैसे ही संगम सोनकर रिश्वत के 8,000 रुपये लेकर क्षेत्रीय प्रबंधक अरविंद मिश्रा के पास पहुंचे और अधिकारी ने वह रकम थामी, वैसे ही पहले से घात लगाकर बैठी एंटी करप्शन की विंग ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया। कैमिकल टेस्ट में अधिकारी के हाथ गुलाबी हो गए, जिससे घूस लेने की पुष्टि मौके पर ही हो गई।
इस नाटकीय और बड़ी गिरफ्तारी के बाद आरोपी क्षेत्रीय प्रबंधक को तत्काल कैंट थाने लाया गया। कैंट थाने में भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ओर से आरोपी अरविंद मिश्रा के विरुद्ध ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ (Prevention of Corruption Act) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने विधिक औपचारिकताएं पूरी करते हुए आरोपी को जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है, जबकि एंटी करप्शन की टीम इस मामले में उनके कार्यकाल के अन्य फैसलों की भी जांच कर रही है।
📢 “रिश्वत मांगे तो तुरंत बताएं”— एंटी करप्शन की जनता से अपील
इस सफल और बड़ी कार्रवाई के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने आम जनता और सरकारी कर्मचारियों से एक विशेष अपील जारी की है। संगठन ने कहा है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी, कर्मचारी या बाबू किसी भी जायज कार्य के बदले या नाजायज दबाव बनाकर रिश्वत की मांग करता है, तो उसके डर के आगे झुकने के बजाय इसकी सूचना तत्काल एंटी करप्शन कार्यालय को दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ इससे भी अधिक सख्त और दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।











