‘12,000 करोड़ का एक्सप्रेसवे, 2 महीने में ही ढह गई सड़क; दिल्ली-देहरादून हाईवे पर बने जानलेवा गड्ढों पर मचा सियासी घमासान; NHAI ने अफसरों पर गिराई गाज’
12,000 करोड़ की लागत से बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के 2 महीने बाद ही धंसी सड़क, वायरल हुआ वीडियो। NHAI ने माना ड्रेनेज सिस्टम में कमी, प्रोजेक्ट मैनेजर समेत कई अधिकारी सस्पेंड। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप। पढ़ें PNN24 की ग्राउंड रिपोर्ट।

आदिल अहमद
नई दिल्ली/देहरादून (PNN24 News): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 14 अप्रैल 2026 को राष्ट्र को समर्पित किए गए बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की गुणवत्ता पर उद्घाटन के महज दो महीने बाद ही गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं। एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में सड़क धंसने और गहरे गड्ढे बनने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में हरकत में आई राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने जहाँ मरम्मत का दावा किया है, वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे ‘भ्रष्टाचार का जीता-जागता नमूना’ करार दिया है।
🚧 क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चलती सड़क के बीचों-बीच अचानक गड्ढे उभर आए हैं और सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस दौरान उस मार्ग से गाड़ियां गुजर रही थीं, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता था।
यात्रियों की सुरक्षा को ताक पर रखने वाली इस लापरवाही पर NHAI ने सफाई देते हुए कहा:
“दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर बारिश के बाद सड़क धंसने से यात्रियों को हुई परेशानी के लिए हमें खेद है। उस प्रभावित हिस्से को फिलहाल दुरुस्त कर दिया गया है और सामान्य ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है।”
🔍 NHAI की सफाई: “स्थानीय विरोध बना ड्रेनेज का रोड़ा”
सड़क धंसने के तकनीकी कारणों की व्याख्या करते हुए NHAI ने सारा ठीकरा स्थानीय लोगों के विरोध पर फोड़ा है। प्राधिकरण ने अपने बयान में कहा है:
- क्रॉस-ड्रेनेज सिस्टम का अभाव: सड़क के उस विशेष हिस्से पर पक्का क्रॉस-ड्रेनेज सिस्टम इसलिए चालू नहीं हो पाया, क्योंकि स्थानीय लोगों ने लगातार विरोध करते हुए ‘बैलेंसिंग कलवर्ट’ को जोड़ने की अनुमति नहीं दी।
- गलत इस्तेमाल: स्थानीय लोगों द्वारा कलवर्ट के रास्ते का इस्तेमाल वाहनों के आवागमन के लिए किया जाने लगा, जिससे पानी की निकासी का मार्ग अवरुद्ध हो गया और भारी बारिश के चलते जलभराव से सड़क की नींव कमजोर पड़ गई।
NHAI ने बताया कि अब वहां एक ‘अस्थायी समानांतर नाला’ बनाया जा रहा है ताकि पक्का सिस्टम बनने तक पानी की सुरक्षित निकासी हो सके।
🔨 जवाबदेही तय: अधिकारी और कॉन्ट्रैक्टर सस्पेंड
NHAI ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है:
- कारण बताओ नोटिस: संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर और ईपीसी (EPC) कॉन्ट्रैक्टर को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किए गए हैं।
- निलंबन: अथॉरिटी इंजीनियर के टीम लीडर और कॉन्ट्रैक्टर के प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
⚡ सियासी हमला: कांग्रेस ने पूछा- “12,000 करोड़ कहाँ गए?”
इस घटना को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा:
“नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को जिस दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था, वह महज 2 महीने बाद ही जर्जर हो गया। यह 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने प्रोजेक्ट में हुए भ्रष्टाचार और पैसों की बंदरबांट का स्पष्ट सबूत है।”
कांग्रेस ने आगे कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है। पूरे देश में पुल, सड़क, रेलवे स्टेशन, पानी की टंकियां और एयरपोर्ट की छतें जिस तरह से ढह रही हैं, वह साबित करता है कि मोदी सरकार का ‘इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल’ देश और जनता के लिए घातक सिद्ध हो रहा है।










