अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद: कांग्रेस ने एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की, लगाए गंभीर आरोप
भगवान श्री राम के भव्य मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद ने अब सियासी रूप ले लिया है। कांग्रेस पार्टी ने राम मंदिर में कथित तौर पर चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी (SIT) की रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक किया जाए।

तारिक खान
अयोध्या: भगवान श्री राम के भव्य मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद ने अब सियासी रूप ले लिया है। कांग्रेस पार्टी ने राम मंदिर में कथित तौर पर चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी (SIT) की रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक किया जाए।
सुप्रिया श्रीनेत ने किया बड़ा हमला
मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इसे ‘महापाप’ करार दिया। उन्होंने कहा, “राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आते ही आनन-फानन में एक एसआईटी गठित की गई। रिपोर्ट भी सबमिट हो गई, लेकिन आज तक उसे सार्वजनिक नहीं किया गया।”
उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईटी का गठन केवल छोटे कर्मचारियों (प्यादों) को फंसाने और बड़े मगरमच्छों को बचाने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा, “देश की जनता ने अटूट आस्था के साथ दान दिया था, लेकिन उस आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया और अब पूरी जांच को गोपनीय रखा जा रहा है।”
पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल
सुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस राम मंदिर के शिलान्यास और प्राण-प्रतिष्ठा का श्रेय लेने वाले पीएम मोदी आज इस पूरे मामले पर पूरी तरह से मौन हैं। उन्होंने कहा कि “चढ़ावा चोरी जैसे गंभीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री का एक शब्द न बोलना दुर्भाग्यपूर्ण है।”
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने योगी सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सामने कई तीखी मांगें रखी हैं:
- SIT रिपोर्ट सार्वजनिक हो: योगी सरकार तुरंत एसआईटी की जांच रिपोर्ट को जनता के सामने लाए।
- ट्रस्ट भंग हो: अनियमितताओं के आरोपों को देखते हुए ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए।
- सख्त कानूनी कार्रवाई: चंपत राय और मामले से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच हो।
- निष्पक्ष ऑडिट: मंदिर में अब तक आए सभी चढ़ावों का स्वतंत्र और पारदर्शी ऑडिट कराया जाए।
- सुप्रीम कोर्ट की निगरानी: इस पूरे कथित घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में हो।
- पीएम मोदी मांगें माफी: प्रधानमंत्री अपनी चुप्पी तोड़ें और देश के श्रद्धालुओं से इस ‘महापाप’ के लिए माफी मांगें।
अयोध्या का राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है, ऐसे में इन गंभीर आरोपों पर सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। PNN24 News इस मामले की पल-पल की जानकारी आप तक पहुँचाता रहेगा।










