तुर्की में ईरानी मिसाइल हमले का खतरा! राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयर फोर्स वन छोड़कर चुपचाप बदला था विमान; सीक्रेट सर्विस के गुप्त प्लान का हुआ खुलासा’

तुर्की में NATO सम्मेलन के बाद डोनाल्ड ट्रंप को एयर फोर्स वन से चुपचाप निकालकर C-32A सैन्य विमान से भेजा गया! संभावित ईरानी मिसाइल हमले के खतरे के बीच सीक्रेट सर्विस ने कैटरिंग ट्रक के जरिए रचा चकमा देने का गुप्त प्लान। पढ़ें PNN24 की विशेष अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट।

शफी उस्मानी 

PNN24 News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि पिछले महीने (8 जुलाई) तुर्की में आयोजित नेटो (NATO) शिखर सम्मेलन से रवाना होते समय संभावित सुरक्षा खतरे के चलते उन्होंने बेहद नाटकीय और गुप्त तरीके से अपना विमान बदल लिया था।

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को आशंका थी कि ईरान राष्ट्रपति के विमान को मिसाइल से निशाना बना सकता है। इसके बाद सीक्रेट सर्विस और अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति की जान बचाने के लिए एक गुप्त ‘इवेक्यूएशन प्लान’ को अंजाम दिया।

🚚 कैटरिंग ट्रक और ‘डमी’ प्लेन: कैसे रचा गया चकमा?

वाशिंगटन पोस्ट और सीबीएस न्यूज (CBS News) की रिपोर्ट के अनुसार:

  1. एयर फोर्स वन में एंट्री का नाटक: 8 जुलाई को अंकारा एयरपोर्ट पर टीवी कैमरों के सामने डोनाल्ड ट्रंप को पारंपरिक ‘एयर फोर्स वन’ (Air Force One) में सवार होते दिखाया गया, ताकि हमलावरों को भ्रमित रखा जा सके।
  2. कैटरिंग ट्रक से गुप्त ट्रांसफर: विमान के अंदर पहुंचते ही ट्रंप को एक विशेष कैटरिंग ट्रक की मदद से, जो विमान के पिछले हिस्से में लगा था, चुपचाप बाहर निकाला गया।
  3. C-32A में सवार: इसके बाद उन्हें पास ही खड़े एक छोटे C-32A सैन्य विमान (बोइंग 757 का परिवर्तित सैन्य रूप) में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसने “रीच 18” कॉल साइन के साथ उड़ान भरी।
  4. पत्रकार रहे बेखबर: विमान में सवार पत्रकारों और व्हाइट हाउस के कर्मचारियों को इस पूरे घटनाक्रम की भनक तक नहीं लगने दी गई। उनसे खिड़कियों के पर्दे बंद रखने को कहा गया ताकि बाहर की हलचल दिखाई न दे।

🗣️ “मैं सीक्रेट सर्विस और सेना की बात मानता हूँ”— डोनाल्ड ट्रंप

मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने घटना की पुष्टि की। ट्रंप ने कहा:

“मैं सीक्रेट सर्विस और अपनी सेना की बात मानता हूँ। उन्होंने मुझसे कहा कि सुरक्षा कारणों से मुझे दूसरी उड़ान और दूसरे सैन्य विमान से जाना चाहिए, और मैंने वही किया जो उन्होंने कहा। मुझे लगातार धमकियां मिलती रहती हैं और मैं ईरान की हिट लिस्ट में ‘टारगेट नंबर वन’ (Target No. 1) हूँ।”

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी अलग से बाहरी सीढ़ियों के जरिए उसी C-32A विमान में सवार हुए थे ताकि यह सामान्य उड़ान लगे। इसके बाद ट्रंप ब्रिटेन पहुंचे, जहां वे दोबारा अपने पुराने एयर फोर्स वन में सवार होकर वाशिंगटन के लिए रवाना हुए।

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