‘PNN24 फॉलो-अप: वाराणसी एम्बिशन अस्पताल विवाद में बढ़ा प्रशासनिक शिकंजा; पत्रकारों संग CMO से मिलीं पीड़िता, मेडिकल बोर्ड जांच के बाद सख्त कार्रवाई का भरोसा’
वाराणसी के एम्बिशन अस्पताल में मरीज की मौत, शव बंधक बनाने और महिला पत्रकार से अभद्रता मामले में पीड़ित पक्ष व वरिष्ठ पत्रकारों ने CMO से मुलाकात की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मामले में मेडिकल बोर्ड के गठन और जांच के बाद सख्त दंडात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पढ़िए PNN24 की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।

शफी उस्मानी
वाराणसी (PNN24 News): मकबूल आलम रोड (खजुरी) स्थित एम्बिशन अस्पताल में महिला मरीज की मौत, शव को अवैध रूप से बंधक बनाने और महिला पत्रकार के साथ अभद्रता व धमकी देने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिसिया ढिलाई से नाराज पीड़ित पक्ष और वरिष्ठ पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) वाराणसी डॉ. एन. पी. सिंह से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की गुहार लगाई है।
🏥 वायरल वीडियो और पूर्व माफिया के नाम से धमकी का दावा
मामला 29 अगस्त का है, जब रामनगर की रहने वाली मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई थी:
- गंभीर आरोप: मृतका की बेटी और महिला पत्रकार महाविश कुरैशी ने बताया कि उनकी मां की जान अस्पताल प्रशासन की तीन दिनों की घोर लापरवाही के कारण गई।
- शव बंधक बनाना व अभद्रता: आरोप है कि अस्पताल संचालक डॉ. राशिद परवेज ने बकाया पैसों की मांग को लेकर घंटों तक शव सौंपने से इनकार कर दिया। विरोध करने पर पीड़िता के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया।
- रंगदारी व धमकी: पीड़िता का दावा है कि डॉ. राशिद परवेज ने पूर्व माफियाओं का नाम लेकर उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया, जिससे जुड़ा वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
🚨 कैंट पुलिस पर केस दबाने का आरोप, CMO का कड़ा रुख
पीड़िता ने पूर्व में ही अर्दली बाजार चौकी में लिखित तहरीर दी थी, लेकिन कैंट थाना पुलिस और स्थानीय चौकी पर मामले को दबाने और शिथिलता बरतने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
पुलिस की ओर से ढिलाई के बाद मंगलवार को वरिष्ठ पत्रकार तारिक आजमी, मुस्कान, शफी उस्मानी और कुलदीप बरनवाल के साथ पीड़िता महाविश कुरैशी सीएमओ दफ्तर पहुंचीं।
- CMO का आश्वासन: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) वाराणसी एन. पी. सिंह ने पूरे घटनाक्रम और वायरल साक्ष्यों को गंभीरता से लिया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले में तत्काल एक विशेष मेडिकल बोर्ड (Medical Board) का गठन किया जा रहा है।
- जांच के बाद दंडात्मक कार्रवाई: सीएमओ ने स्पष्ट किया कि मेडिकल बोर्ड की जांच आख्या के आधार पर दोषी पाए जाने पर अस्पताल प्रशासन और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कठोर दंडात्मक कानूनी व प्रशासकीय कार्रवाई की जाएगी।











