वाराणसी में आतंक का पर्याय बना झुन्ना पंडित चढ़ा पंजाब पुलिस के हत्थे, देखे मौके की फोटो

तारिक आज़मी

वाराणसी। जिला वाराणसी में आतंक का दूसरा नाम बनकर उभरा झुन्ना पंडित उर्फ़ श्री प्रकाश मिश्रा आज अहले सुबह पंजाब पुलिस के हत्थे एक मुठभेड़ में चढ़ गया। पुलिस को उसके पास से एक पिस्टल बरामद हुई है। झुन्ना के गिरफ़्तारी की सुचना पर वाराणसी पुलिस ने राहत की सांस तो लिया है, मगर उसके लिए लाख मेहनत के बावजूद झुन्ना वाराणसी पुलिस के हत्थे नही चढ़ा इसका मलाल भी होगा।

कैसे हुआ गिरफ्तार

गिरफ़्तारी के सम्बन्ध में पंजाब के रूपनगर पुलिस सूत्रों के प्राप्त समाचार के अनुसार झुन्ना पंडित आज शुक्रवार की सुबह लगभग 4 बजे हिमाचल प्रदेश के चिट्पुनी से दिल्ली के तरफ जा रहा था। इस दौरान पंजाब पुलिस के पंजाब पुलिस से काहंपुर खुटी के निकट आमना सामना हो गया। झुन्ना ने पुलिस को देख गोलिया चलानी शुरू कर दी। झुन्ना द्वारा चलाई गई तीनो गोली पुलिस जीप पर लगी, वही पुलिस ने जवाब में गोलिया चलाई तो खुद को पुलिस से घिरा देख झुन्ना पुलिस के सामने हथियार डाल दिए। इस मुठभेड़ के दौरान कुल 7 गोलिया चलने की बात पंजाब पुलिस प्रशासन कर रहा है। जिसमे तीन झुन्ना के तरफ से और चार पुलिस के तरफ से चलाये जाने की बात सामने आई है। पंजाब पुलिस झुन्ना से पूछताछ कर रही है।

कौन है खौफ का दूसरा नाम झुन्ना पंडित

झुन्ना पंडित का असली नाम श्री प्रकाश मिश्रा है। बचपन से ही इसको अपराध का जूनून चढ़ गया था। इसने सबसे पहली हत्या जिस समय किया था उस समय यह मात्र 16 वर्ष का था। इससे पहले 15 साल की उम्र में उस पर इरादा-ए-कत्ल का केस दर्ज हो चुका था। अपराध जगत का इसके बाद इसको पानी मुह लग गया और यह वारदात पर वारदात करने लगा। इसके ऊपर हत्या के कुल दस मामले सहित हत्या, लूट, फिरौती और गैंगेस्टर मिलाकर कुल 20 मामले  दर्ज है। वर्त्तमान में झुन्ना पंडित की उम्र केवल 24 वर्ष बताई जाती है। इसके ऊपर एक भाजपा और एक बसपा कार्यकर्ता की हत्या का भी आरोप है।

अपराध जगत में झुन्ना पंडित एक बड़ा और कुख्यात नाम बनकर उभरा है। यह दोनों हाथो से गोलिया चलाने और निशाना लगाने में माहिर बताया जाता है।केवल वाराणसी ही नही बल्कि गाजीपुर तक इसका नाम अपराध जगत में खौफ के रूप में देखा जाता है। इसके अपराध करने के तरीको पर अगर गौर करे तो यह सभी अपराध केवल बाइक से ही करता है। केवल वाराणसी जनपद ही नही बल्कि गाजीपुर में भी इसके ऊपर अपराधिक मामले दर्ज है।

पान विक्रेता की हत्या के बाद झुन्ना पंडित एक बार फिर चर्चा में आया था। हत्या के बाद इसकी गिरफ़्तारी के लिए वाराणसी पुलिस ने एडी चोटी का जोर लगा रखा था। हत्या के बाद इसके गोरखपुर होते हुवे नेपाल भाग जाने की सुचना पर नेपाल तक वाराणसी पुलिस की टीम सुरागशी हेतु जानकारी इकठ्ठा कर रही थी। इस दौरान खुद पर शिकंजा कस न जाए इसके लिए झुन्ना इस शहर से किसी और शहर फिर किसी और शहर भागता रहा। इस दौरान वह दिल्ली भी गया जहा पुलिस से मुठभेड़ भी हुई थी मगर झुन्ना पंडित उस मुठभेड़ में भाग निकलने में सफल रहा।

इसी कड़ी में उसने एक ठिकाना दिल्ली भी बना रखा था। पान विक्रेता की हत्या के बाद झुन्ना पंडित की नकेल कसने के लिए वाराणसी पुलिस ने इसके हर संभावित ठिकानों पर छापेमारी किया था। इस दौरान झुन्ना तो नहीं मिला मगर उसके गैंग के कई अन्य अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़े। इस दौरान कुख्यात अपराधी अज़ीम के साथ भी झुन्ना पंडित का नाम जुड़ने लगा था।

बहरहाल, बुराई का अंत बुरा ही होता है। अपराध का रास्ता बहुत छोटा होता है और कानून के हाथ लम्बे होते है, आज यह एक बार फिर साबित हो गया। झुन्ना पंडित को वाराणसी लाने के लिए जिला पुलिस अपनी तैयारी में जुट गई है।

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