किसान आन्दोलन – जाने आज क्या क्या हुआ किसान आन्दोलन के दरमियान

आदिल अहमद/तारिक़ खान संग हर्मेश भाटिया

डेस्क. कड़ाके की सर्दी और शीतलहर के बीच किसानों का आंदोलन आज 27वें दिन में प्रवेश कर चुका है। दिल्ली की हाड़ कंपा देने वाली इस सर्दी से बचने के लिए आंदोलनरत किसान अलाव आदि का सहारा ले रहे हैं। वहीं किसानों की रिले भूख हड़ताल जो सोमवार से शुरू हुई है, मंगलवार को भी जारी है। आंदोलन के चलते आज भी दिल्ली की कई सीमाएं और रास्ते बंद हैं।

इस दरमियान आज एक किसान संगठन के साथ कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ बातचीत हुई. बैठक के सम्बन्ध में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कुछ किसान नेता (यूपी से) कानूनों को अपना समर्थन देने के लिए आज मुझसे मिले। उन्होंने कहा कि तीन कानूनों में कोई संशोधन नहीं किया जाना चाहिए। कृषि मंत्री के साथ बैठक के बाद इंडियन किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी राम कुमार वालिया ने कहा कि कानून ठीक हैं लेकिन जो भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं उनको दूर करने की जरूरत है, 90 फीसदी किसानों ने कानून नहीं पढ़ा है। मेरा प्रदर्शनकारियों से आग्रह है कि आंदोलन में राजनीति हावी न होने दें।

दूसरी तरफ कृषि मंत्री के साथ इन्डियन किसान यूनियन की बैठक को किसान नेताओं ने सिरे से खारिज करते हुवे संगठन के वजूद पर ही सवाल खड़ा कर दिया है. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की आज किसान संगठनों के साथ हुई बैठक पर किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने कहा है कि वो नकली संगठन बनाकर ला रहे हैं, आरएसएस का अपना किसान संगठन है उनसे मीटिंग क्यों नहीं हुई? हमें कोई जल्दी नहीं है पंजाब और हरियाणा में हमारी गिनती बढ़ रही है। देश में आंदोलन फैल रहा है।

वही आज मंगलवार को बरेली और आसपास के किसान का जत्था दिल्ली जा रहा था। पुलिस ने किसानों को मिलक में हाईवे पर एक ढाबे के पास रोक लिया। काफी देर तक बातचीत के बाद किसानों ने दिल्ली कूच करने का एलान कर दिया। पुलिस ने उनको रोकने की कोशिश की, लेकिन वो आगे बढ़ गए। इस दौरान पुलिस ने हाईवे पर रुट डायवर्ट कर दिया था। हाईवे पर एक तरफ से ट्रैफिक चल रहा था। इस दौरान मिलक से लेकर मुरादाबाद की सीमा तक पुलिस तैनात रही। जीरो प्वाइंट (मुरादाबाद की सीमा) पर भी पुलिस ने किसानों को रोकने की कोशिश की, लेकिन किसान आगे बढ़ गए। बरेली की ओर किसानों के जत्था आने की सूचना पुलिस को सोमवार की रात ही मिल गई थी। हाईवे पर पुलिस पूरी रात मुस्तैद रही। एसपी शगुन गौतम ने भी देर रात हाईवे पर चेकिंग अभियान चलाया था।

दिल्ली जाने रोकने पर सैकड़ों की संख्या में किसानों ने नेशनल हाईवे पर जोरदार प्रदर्शन किया है। प्रदर्शन के दौरान किसान उग्र हो गए और उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान कुछ किसानों ने मुरादाबाद एसएसपी प्रभाकर चौधरी की गाड़ी पर हमला बोल दिया। किसानों ने गाड़ी में तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस को धक्का देते हुए दिल्ली की ओर बढ़ गए। किसानों के प्रदर्शन के चलते दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। इस दरमियान किसानों के साथ धक्का-मुक्की में मुरादाबाद के एसएसपी गिर गए, जिससे उनको हल्की खरोंच आई है। बाद में रामपुर से एसपी शगुन गौतम उनको अपनी कार में बैठाकर मूंढापांडे स्थित टोल प्लाजा पर ले गए। टोल प्लाजा पर किसानों को रोकने के लिए रामपुर और मुरादाबाद की पुलिस तैनात है। मंगलवार को रामपुर से होकर बरेली, पीलीभीत और पूरनपुर के किसानों का जत्था गुजर रहा था।

पंजाब के आढ़तियों पर आयकर विभाग की छापेमारियों को भद्दी चाल बताते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री सिंगला ने कहा कि भाजपा नेताओं को यह बात हजम नहीं हो रही कि आढ़ती भाईचारे की तरफ से किसानों को पूर्ण समर्थन दिया जा रहा है। किसानों के विरोध को कमजोर करने के लिए केंद्र सरकार के इशारे पर गैरकानूनी तरीके अपनाते हुए छापेमारियां की जा रही हैं। भाजपा नेता आढ़तियों और किसानों के पीढ़ी-दर-पीढ़ी चले आ रहे संबंधों को खत्म करने में सफल नहीं होंगे। उन्होंने आढ़ती भाईचारे को भरोसा दिया है कि इस मुश्किल की घड़ी में पंजाब सरकार और कांग्रेस उनके साथ डटकर खड़ी है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि केंद्र सरकार और इसकी लोक विरोधी नीतियों के विरुद्ध एकजुटता के साथ खड़े हों। सिंगला ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों और इसके साथ जुड़े वर्गों में आपसी फूट डालने की भद्दी चालें चल रही हैं लेकिन किसानों का विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। यह विरोध किसानों के बनते हक मिलने के बाद ही खत्म होगा।

वही पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि केंद्र की एजेंसियां इनकम टैक्स को लेकर हमारे आढ़ती भाईयों के घरों, दफ़्तरों पर रेड कराकर उन्हें डराने-धमकाने का काम कर रही हैं। एक लोकतंत्र में इससे निदंनीय और कुछ नहीं हो सकता।

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