पहले जाग जाती सारनाथ पुलिस तो शायद मासूम की बच जाती जान, फिरौती न मिलने पर मासूम की हत्या

तारिक आज़मी

वाराणसी। वारणसी पुलिस गुमशुदगी के मामले में अक्सर हिला हवाली करती ही रहती है। इसका एक बड़ा उदहारण देखने में आया जब एक मासूम गायब था। पुलिस ने तफ्तीश के नाम पर शायद सिर्फ कागज़ी खानापूर्ति किया होगा। इस प्रकरण में मासूम बच्चे की आज लाश मिलने के बाद जहा वाराणसी पुलिस की जमकर किरकिरी हुई। वही मासूम बच्चे के परिजनों ने अपने आखो का तारा खो दिया। बताया जाता है कि मासूम के बदले अपहरणकर्ता ने पचास हज़ार फिरौती मांगी थी। मांग पूरी न होने पर मासूम का क़त्ल कर दिया गया।

प्रकरण कुछ इस तरह है कि सारनाथ थाना अंतर्गत पंचक्रोशी पैगंबरपुर निवासी मंजय कुमार वैवाहिक कार्यक्रमों में स्टेज की सजावट का काम करता है। मंजय का इकलौता बेटा विशाल कक्षा चार में पढता था और उसकी उम्र महज़ 9 साल थी। बीती 29 जनवरी को इलाके में आये एक हाथी को देखने घर से विशाल निकला था। वह हाथी देखने गया तो कुछ इस तरह से गया कि फिर कभी वापस नही आया।

फिरौती की रकम के लिए आया खत

परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद मासूम के पिता मंजय ने बड़ी उम्मीदों के साथ सारनाथ थाने में सूचना दिया तो थाना सारनाथ ने मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर लिया। इस दरमियान पुलिस खोजबीन के नाम पर शायद कागज़ी घोड़े ही दौड़ा रही थी कि 30 जनवरी को मंजय के घर के सामने एक कागज फेंका पड़ा मिला। कागज में लिखा था कि विशाल मेरे पास है, उसके बदले में 50 हजार रुपये लेकर चौबेपुर आओ, वरना विशाल को मार दिया जाएगा।

पीड़ित की माने तो वह परिजनों के साथ चौबेपुर गया लेकिन घंटों के इंतजार के बाद भी उसके पास कोई नहीं आया। आज सोमवार की दोपहर मंजय के घर से लगभग 500 मीटर दूर फूलो के खेत में विशाल की लाश वह खेल रहे बच्चो ने देखा तो वह शोर मचाते हुए घर गए और अपनी मां को बताया और देखते ही देखते लोगों की मौके पर भीड़ जुट गई। अपने कलेजे के टुकड़े का शव देख कर विशाल की माँ चीखे मार कर बेहोश हो गई। वही परिजनों की ही नहीं बल्कि इलाके के हर एक इंसान की आँखे नम हो गई। सभी पुलिस की हीलाहवाली को इस घटना का कारण बता रहे थे। इस दरमियान सारनाथ पुलिस को सुचना मिली तो मौके पर पहुची सारनाथ पुलिस को भी जमकर नागरिको की खरीखोटी सुनना पड़ा।

मौके पर आये एसएसपी अमित पाठक ने भी सारनाथ इस्पेक्टर और पुरानापुल चौकी इंचार्ज को जमकर फटकार लगाया। उन्होंने पूछा कि ऐसी लापरवाही क्यों किया गया ? इस दरमियान एसएसपी ने इस्पेक्टर सारनाथ और चौकी इंचार्ज पुरानापुल को कड़ी कार्यवाही की चेतावनी तक दे डाली। वही मृतक मासूम के परिजनों और क्षेत्र के आम नागरिको ने पुलिस को घटना में हीलाहवाली करने और मामले को हलके में लेने का आरोप लगाया। परिजनों का आरोप था कि 30 जनवरी को जब 50 हजार रुपये वाला कागज घर के सामने मिला तो पुलिस को इसकी सुचना दिया गया था। तब जाकर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। मगर क्राइम ब्रांच की सहायता लेकर मामले में बच्चे को तलाशने का काम नही किया गया और नतीजा सामने आया कि मासूम की जान चली गई।

एसएसपी अमित पाठक ने कहा कि पुलिस हर एक पहलू को गौर से तफ्तीश कर रही है। बहुत जल्द खुलासा कर दिया जायेगा। वही स्थानीय पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हो रहा है कि बच्चे के पिता से पुरानी रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस बच्चे के पिता से पूर्व में विवाद करने वाले क्षेत्र के ही एक युवक सहित दो को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

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