एक दशक से अधिक के ताल्लुकात को यु ठुकरा कर चल दिये कमाल, एक बार अलविदा तो कह दिया होता: निष्पक्ष कलम के कलमकार ने बंद की आँखे, आँखे दान करने की थी इच्छा, हो रही ख्वाहिश पूरी

तारिक़ आज़मी

शायद जन्नत में भी निष्पक्ष कलमकारों की कमी हो गई है। बेशक आज के समाज में निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले, बेबाकी से अपनी राय रखने वाले बहुत ही कम बचे है। आज उनमे भी एक और कमी हो गई तथा निष्पक्ष वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। एक दशक से अधिक के ताल्लुकात में यु इस तरह बिना बताये, बिना अलविदा कहे कमाल का चले जाना एक सदमे से कम तो नही है। याकि नही हो रहा है कि तुम चले गए कमाल…….!

अहले सुबह हार्ट अटैक ने उनकी आँखे हमेशा के लिए बंद कर दिया। मेरी आँखों में आज भी वह पहली मुलाक़ात याद है जब लखनऊ प्रेस क्लब में हम मिले थे। एक विश्वास के साथ तुम्हारे चेहरे की मुस्कराहट किसी बीमार को बेवजह करार दे देती थी। बेशक इस अलविदा का तरीका दुनिया अपनाती है। एक बार तो अलविदा कहा होता। इतने दूर के सफ़र में जाने से पहले एक लफ्ज़-ए-रुखसत तो कहा होता। कहा से लाएगी अब पत्रकारिता तुम्हारी जैसी बेबाकी की आवाज़, वो निष्पक्ष कलम, वो जुझारू पत्रकारिता।

उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान एनडीटीवी से जुड़े हुवे थे। परिवार और अन्य करीबी लोगों ने बताया कि कमाल को सुबह करीब साढ़े सात बजे हार्ट अटैक आया। कमाल खान 3 दशक से पत्रकारिता में थे। लंबे समय तक प्रिंट मीडिया में रहने के बाद उन्होंने एनडीटीवी के साथ टीवी करियर की शुरुआत की और अंत तक चैनल के साथ जुड़े रहे। खबरों को पेश करने के अपने खास अंदाज और भाषा के लिए वह काफी लोकप्रिय थे।

कमाल खान प्रिंट मीडिया में भी एक बड़ा नाम रहे है। 20 साल से अधिक के अनुभव रखने वाले कमाल खान ने जीवन के बहुत उतार चढ़ाव देखे है। कलम से बड़ी बड़ी तोपों के मुकाबिल कमाल खान ने पत्रकारिता के बदलावों का दौर भी देखा था। प्रिंट मीडिया के बाद कमाल ने इलेक्ट्रोनिक मीडिया का रुख किया और एनडीटीवी से जुड़ कर अपने बातो को और खबरों को बेबाकी के साथ उठाया। कमाल उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकारों में गिने जाते हे। कमाल खान के इस आकस्मिक निधन से पत्रकरिता जगत में शोक की लहर है, ऐसे अचानक एक दोस्त को खोने से हम आहात है और रब की बारगाह में उसकी मगफिरत की दुआए करते है।

समाजवादी पार्टी की ओर से ट्वीट किया गया, ”अत्यंत दुखद! एनडीटीवी के वरिष्ठ संवाददाता जनाब कमाल खान साहब का इंतक़ाल, अपूरणीय क्षति। दिवंगत आत्मा को शांति दे भगवान। शोकाकुल परिजनों के प्रति गहन संवेदना। भावभीनी श्रद्धांजलि।”

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