वाराणसी: मिर्जामुराद में हुवे ताजिया जुलूस के दरमियान हिंसा क्या पुलिस की सुझबुझ में कमी का नतीजा? घटना का हो रहा सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, गले में गमछा डाले युवक पुलिस के सामने कर रहे थे तोड़फोड़

अनुराग पाण्डेय/मो0 सलीम

वाराणसी: मिर्जामुराद क्षेत्र के करधना  ग्राम में ताजिया ले जाते समय हिंसक विवाद हो गया। इस दरमियान हुई मारपीट में दोनों वर्गों के कई लोग घायल हुवे है ऐसी जानकारी निकल कर सामने आ रही है। आज सुबह हुई इस घटना में पुलिस ने मोर्चा संभाला और स्थिति को संभाल लिया। घटना की वजह एक जामुन के पेड़ की डाल को काटना बताया जा रहा है। एक जामुन के पेड़ की डाल रास्ते में झुकी थी जिसे ताजियादार काट रहे थे। बताया जाता है कि खादेरू साव नामक एक दुकानदार के दूकान के सामने ये पेड़ था जिसका विरोध खादेरू साव ने किया और मामला हंगामे में तब्दील हो गया।

शाम होते होते इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल होने लगता है। जिसमे एक पक्ष के लोगो द्वारा पुलिस की मौजूदगी में सड़क पर रखी हुई ताजिया को तोड़ते देखा जा रहा है। इस वीडियो में साफ़ साफ़ दिखाई दिया कि मौके पर पुलिस भी मौजूद थी मगर पुलिस घटना को रोकने का प्रयास शायद इस लिए नही कर रही होगी क्योकि मौके पर उपद्रवियों की संख्या बल पुलिस से अधिक थी। या फिर शायद ये कह सकते है कि पुलिस का इकबाल इन उपद्रवियों के नज़र में कम हो चूका है।

बहरहाल, मामला सिर्फ इतना ही नही है। स्थानीय पुलिस की एक बड़ी चुक भी सामने आई है। बताया जाता है कि ये ताजिया जाने का पारंपरिक रास्ता है। इस रास्ते से होकर हर वर्ष ताजिया गुज़रती थी। पेड़ की डाल अगर बढ़ी होती थी तो प्रशासन उसको कटवा देता था। मगर विगत दो वर्षो से ताजिया नही उठने के कारण पेड़ की डाल छांटी नही गई थी। जिसके कारण ये सड़क तक आ गई थी। आज जब ताजिया इधर से गुजरी तो उसी डाल को काटने से खादेरू साव ने रोका और मामला हंगामे तक पहुच गया।

अब सवाल ये उठता है कि पुरे प्रदेश में जहा शांतिपूर्वक ताजिया दफ़न हुवे है। उस दरमियाना आज वाराणसी ग्रामीण पुलिस के इलाके में हुई ये घटना किसकी चुक का नतीजा है। सभी थानों पर ताजियादारो की बैठक पुलिस के संग हुई। इस बैठक में सभी सलाह मशवरे भी हुवे थे। इन सबके बीच क्या स्थानीय पुलिस का ख्याल इस पेड़ से उत्पन्न हो सकने वाले विवाद पर नही गया था। ताजिया के साथ पुलिस कर्मियों की ड्यूटी रही होगी। यदि पेड़ की डाल काटे जाने पर आपत्ति थी तो खादेरू साव को पुलिस से करना चाहिए था। खुद रोकना और फिर उसके बाद हुआ हंगामा और कथित रूप से खादेरू साव की दूकान में तोड़फोड़ आखिर हिंसक हो ही गई। यदि स्थानीय पुलिस ने मामले में पहले ही संज्ञान लिया होता तो शायद ऐसी घटना नही हुई होती।

बहरहाल। घटना के बाद इलाके में अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति हो गई थी। मौके पर आईजी ने खुद पहुच कर तफ्तीश किया और अधिनस्थो को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। फिलहाल स्थिति शांत है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पुलिस मामले में तफ्तीश कर रही है। किस पक्ष के तरफ से तहरीर मिली किसके तरफ से नही इसकी जानकारी अभी हासिल नही हुई है।

समस्त फोटो वायरल वीडियो का स्क्रीन शॉट है

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