बेनिया स्थित रहीम शाह बाबा कब्रिस्तान हत्याकांड में अदालत के फैसले पर बोले वादी मो0 शाहिद “काजू”: फैसले से ख़ुशी है कि इंसाफ़ मिला, मगर मुख्य षड्यंत्रकारी बच गया इसका अफ़सोस है  

ए0 जावेद

वाराणसी: वाराणसी के बेनिया स्थित कब्रस्तान रहीम शाह बाबा पर वर्ष 2012 में हुवे 4 लोगो की बेरहमी से पीट पीट कर हत्या प्रकरण में आज जिला जज की अदालत ने अपना फैसला सुनाया। इस फैसले में अदालत ने दोषी करार दिए गये अमजद, अरशद और रमजान को सज़ा-ए-मौत की सज़ा मुकरर्र किया है। वही एक अन्य दोषी करार दी गई अभियुक्त शकीला के गुनाहों की सज़ा जिला जज की अदालत ने 20 साल कैद-ए-बामशक्कत मुक़र्रर किया है।

मृतक मोहम्मद शकील के पुत्र सैफ, वादी मुकदमा शाहिद उर्फ़ काजू, मृतक मोहम्मद शफीक की पत्नी चन्दा

सज़ा का एलान होने के बाद जहा एक तरफ इस हत्याकांड के गुनाहगार करार दियी गये चारो के चेहरे पर खौफ दिखाई दिया वही वादी मुकदमा मो0 शाहिद उर्फ़ काजू के और उनके भतीजे मो0 सैफ के चेहरे पर सुकून दिखाई दिया। आज आये इस फैसले पर हमने वादी शाहिद उर्फ़ काजू से रहीम शाह बाबा के आस्ताने पर बातचीत किया। खुद और खुद के परिवार पर हुवे इस ज़ुल्म-ओ-सितम को याद करते हुवे उनके आँखों में आंसू था। नम आँखों और लडखडाती आवाज़ से काजू ने कहा कि बेशक इस फैसले से हम खुश है। मगर दिल में एक मलाल भी इस फैसले पर है।

उन्होंने बात करते हुवे कहा कि दिल में इस फैसले में गुनाहगारो को सज़ा-ए-मौत मिलने से हमको और हमारे कुनबे को जहा ख़ुशी है वही दिल में थोडा मलाल इस बात का है कि इस पुरे हत्याकांड का मुख्य षड्यंत्रकारी इकबाल राइन उर्फ़ इकबाल गुंडा बंच गया और कानूनी दाव पेच से वह खुद को निर्दोष साबित करवाने में सफल रहा है। हम उसके खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दाखिल कर इन्साफ की गुहार लगायेगे।

वही इस घटना में मृतक मोहम्मद शफीक की पत्नी चन्दा ने इस फैसले से खुद को मुतमईन बताते हुवे कहा कि आज दस साल बाद इंसाफ मिला है। इस इन्साफ से हमारे दिलो के ज़ख्म पर मरहम लगा है। बेशक इस घटना का मुख्य षड्यंत्रकारी इकबाल राइन मामले में खुदे को कानूनी दावपेच से निर्दोष बताने में कामयाब रहा है। मगर हम उसके खिलाफ हाई कोर्ट की शरण में जायेगे।

इस हत्याकांड में मृतक मोहम्मद शकील के पुत्र सैफ ने हमसे बात करते हुवे कहा कि हम फैसले से बहुत खुश है। बस एक कसक दिल में बाकी है कि अदालत को शातिर इकबाल राइन गुमराह करने में कामयाब रहा। हम इसके खिलाफ उपरी अदालत से गुहार लगायेगे।

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