कर्णाटक के स्वास्थ्य मंत्री का दावा ‘रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में एनआईए ने लिया है भाजपा नेता को हिरासत में’ 

संजय ठाकुर

डेस्क: 1 मार्च को बेंगलुरु के रामेश्‍वरम कैफे में ब्लास्ट हुआ था। इस धमाके में 9 लोग घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया था कि टाइमर का इस्तेमाल कर कैफे में IED बम ब्लास्ट किया गया था। धमाके के बाद महाशिवरात्री के मौके पर कैफे को धूमधाम से दोबारा खोला गया। प्रशासन के मुताबिक ग्राहकों की जांच के लिए कैफे के प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। प्रवेश की अनुमति देने से पहले कर्मचारी प्रत्येक ग्राहक की हैंडहेल्ड डिटेक्टरों से जांच करेंगे। सभी ग्राहकों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और कर्मचारी किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नज़र रखेंगे।

इस मामले की एनआईए जांच कर रही है। एनआईए ने हाल ही में रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में एक प्रमुख साजिशकर्ता को गिरफ्तार किया था। एनआईए की टीमों द्वारा कर्नाटक में 12 स्थानों, तमिलनाडु में 5 स्थानों और उत्तर प्रदेश में एक स्थान सहित कुल 18 स्थानों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान सह-साजिशकर्ता मुजम्मिल शरीफ को हिरासत में ले लिया गया। एनआईए ने 3 मार्च को यह केस अपने हाथ में लिया था। इससे पहले मुख्य आरोपी मुसाविर शाजिब हुसैन की पहचान की गई थी, जिसने ब्लास्ट को अंजाम दिया था। जांच एजेंसी ने इस मामले में एक अन्य साजिशकर्ता अब्दुल मथिन ताहा की भी पहचान की थी, जो अन्य मामलों में भी एजेंसी को वांछित है। दोनों व्यक्ति फरार हैं।

अब एनआईए इस मामले में एक और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि एनआईए ने जिस शख्स को हिरासत में लिया है, उसका कनेक्शन बीजेपी से है। एनआईए आरोपियों को पूछताछ के लिए ले गई थी। आपको बता दें कि पिछले हफ्ते जांच एजेंसी ने शिवमोग्गा में छापेमारी की थी। इस दौरान एक मोबाइल दुकान और दो संदिग्धों के घर पर छापेमारी की गयी। आरोपी का नाम मोबाइल शॉप पर काम करने वाले दो कर्मचारियों ने लिया था।

कांग्रेस नेता दिनेश गुंडू राव ने पोस्ट कर आरोप लगाया कि आरोपी बीजेपी कार्यकर्ता है जो ब्लास्ट केस से जुड़ा है, तो राज्य में बीजेपी समर्थक क्या कहेंगे? उन्होंने कहा कि आरएसएस की विचारधारा को पूरे देश में लागू करने वाली बीजेपी की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?

वही इस मामले में एनआईए का भी बयान सामने आया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि चूंकि मामला एक आतंकवादी घटना थी, इसलिए गवाहों की पहचान के संबंध में कोई भी जानकारी जांच में बाधा डाल सकती है। एनआईए ने कहा कि असत्यापित खबरें भी इस मामले में प्रभावी जांच में बाधा डालती हैं, एनआईए फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में सभी से सहयोग का अनुरोध करती है।

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