कालीमहल पुरोहित दंपत्ति हत्याकांड: दशक के सबसे दुर्दांत हत्याकांड में 6 दोषी करार, सबूतों के अभाव में अदालत ने किया 5 को बरी, पढ़े दिल दहला देने वाला यह सामूहिक हत्याकांड जिसमे भाई ने बहाया भाई का लहू

तारिक आज़मी
वाराणसी: वाराणसी के वर्ष 2019 के अंत में हुवे पुरोहित दंपत्ति हत्याकांड में आज अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुवे कुल 6 आरोपियों को दोषी करार देते हुवे अपना फैसला देते हुवे 5 को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। दोषी करार दिए गए आरोपियों में मृतक के0के0 उपाध्याय का एक सगा छोटा भाई उसकी पत्नी और बेटा शामिल है। जबकि दोषी की बेटी सहित कुल 5 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।

जबकि इस मामले में राजेंद्र की बेटी वत्सला उपाध्याय सहित मदन यादव (जिसके उपर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप था और कथित रूप से राजेंद्र का कुत्ता हत्याकाण्ड के पहले इसके यहाँ रखा गया था), कृष्ण मोहन मिश्रा ‘भुल्लन’, पुष्पेश्वर मिश्रा और मनचंदा उर्फ चंदन को इस मामले में सबूतों के अभाव में अदालत ने दोषमुक्त करार दिया है। अदालत इस मामले में सजा का एलान 9 जुलाई 2025 को करेगी। वही दोष सिद्ध समस्त 6 मुजरिमों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है, जिन्हें सजा के दिन अदालत में पेश किया जायेगा।
दहशत पैदा करने वाला था जुर्म, काँप उठा था पूरा शहर दशक के सबसे दुर्दांत हत्याकांड से
शहर बनारस में वर्ष 2019 के सितम्बर महीने की 21 तारीख की यह नम सुबह अचानक गोलियों की तड़तडाहट के साथ हुई थी। सगे भाई ने अपने बड़े भाई के पुरे कुनबे को खत्म करने के मंसूबे के साथ पहले अपने भाई की गोली मार कर हत्या कर दिया और उसके बाद अपने भौजाई को गोलियों और चापड़ो से मार कर हत्या कर दिया। मृतक और मृतका के दोनों बेटे इन कातिल मंज़ुबो वाले लोगो को नहीं मिल सके, जिसके वजह से बड़ा बेटा सुमित और छोटा बेटा अनिल बच गए।
घटना कुछ इस प्रकार से हुई बताया जाता है कि मृतक के0के0 उपाध्याय दो भाई थे। छोटे भाई राजेंद्र को संपत्ति की हवस थी और बड़े भाई के0के0 उपाध्याय उस हवस को पूरा नहीं करने देना चाहते थे। राजेंद्र ने अपनी पत्नी पूजा उपाध्याय, बेटे रजत उपाध्याय साथी रामविचार उपाध्याय, अच्छे हसन और महेंद्र प्रताप राय सहित मिल कर इस सामूहिक हत्याकांड के मंसुबे तैयार किये और घर के दरवाज़े पर बड़े भाई के0के0 उपाध्याय की गोली मार कर हत्या करने के बाद घर के अन्दर घुस कर अपनी भाभी ममता उपाध्याय को गोली मारी। बताया जाता है कि घटना के समय बड़ा बेटा सुमित घर में पढ़ाई कर रहा था, मगर माँ ममता ने हमलावरों को आते देख उसके कमरे का दरवाज़ा बंद करके बाहर से लॉक कर दिया।
जिसके बाद मृतका ममता उपाध्याय ने हमलावरों से ख़ासा संघर्ष किया जिस दरमियान हमलावरों ने कई चापड़ मृतका को मारे। ममता उपाध्याय का संघर्ष हमलावरों के मंसूबे का हिस्सा नहीं था। जिसके कारण हमलावरों को देर होने लगी और उनको फरार भी होना था। इस हमले के दरमियान बताया जाता है कि मृतक पुरोहित दंपत्ति का बड़ा बेटा कमरे के अन्दर से चीखता रहा। जिसके कारण गोली और सुमित की आवाज़ सुनकर मोहल्ले के लोग भी इकठ्ठा होना शुरू हो गये थे। जिसके कारण हमलावर मौके से फरार हो गए।
एक बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने इस मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिसमे से आज अदालत ने मृतक के सगे भाई राजेंद्र, उसकी पत्नी पूजा, बेटे रजत सहित रामचरित, अच्छे हसन और महेंद्र राय को दोषी करार दिया है। अदालत इस मामले में 9 जुलाई को सजा का एलान करेगी। वादी मुकदमा के जानिब से दोषियों को सजा-ए-मौत की मांग की गई है।










