वाराणसी विकास प्राधिकारण के वीसी साहब…! अपने अधिनस्थो के भ्रष्टाचार की नजीर आँखों से देख ले, सील भवन सीके 43/164 दालमंडी का ढल गया एक और फ्लोर और बन गया बेसमेंट
तारिक आज़मी
वाराणसी: वाराणसी विकास प्राधिकरण के द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ जारी कार्यवाई को धता बताने वाले दुर्दांत बिल्डरो द्वारा शहर में अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है। इन दुर्दात शातिर बिल्डर में सबसे बड़ा नाम है मौलाना शाहिद का। नाम के आगे टायटल मौलाना का लगाने वाला यह बिल्डर अपने शैतानी दिमाग के लिए खूब नाम कमा कर बैठा है। इसकी शातिर चाल को इसी से समझ सकते है कि जिस भवन को वाराणसी विकास प्राधिकरण के द्वारा ध्वस्तीकरण का आदेश दिया जा चूका है, उसका टूटना तो दूर रहा उल्टे बेसमेंट और एक फ्लोर और बनवा डाला। ख़ाक अब कोई कार्यवाई होगी?
हम बात कर रहे है भवन संख्या सीके 43/164 गोविन्दपुरा कला दालमंडी रोड वार्ड चौक की। इस भवन का बिल्डर है अवैध निर्माण के लिए कुख्यात शाहिद मौलाना। नाम में भले ही इनके मौलाना लगा हुआ है, मगर शैतानी दिमाग रखने के कारण इसका असली काम अवैध निर्माण करवाना है। वाराणसी विकास प्राधिकरण में अपनी सुपर डूपर सेटिंग के लिए कुख्यात यह बिल्डर अवैध निर्माण का ठेकेदार के तौर पर जाना जाता है। इसके शातिर दिमाग की चाल समझे जब हमने दिनांक 3 जुलाई 2025 को खबर प्रकाशित किया और बताया कि सील भवन पर एक और फ्लोर ढलने की तैयारी में है, उसके बाद कथित रूप से स्थानीय जेई ने इसको सख्त हिदायत दिया था कि कोई निर्माण कार्य न हो। मगर शायद जेई साहब की हिदायत पर हरे कागजों का वज़न इतना बढ़ गया था कि हिदायत हवा में उड़ गई गई।
निर्माण कार्य बम्पर तरीके से चला इसका सबसे बड़ा उदहारण है कि जब वाराणसी विकास प्राधिकरण ने 13 मई 2025 को इस भवन पर निर्माण प्रतिबंधित करते हुवे इसको सील किया तो यह जी+3 के स्थिति में था। अब यह भवन आलिशान बेसमेंट के साथ बनकर एक फ्लोर और तामीर हो चूका है। जिस फ्लोर को हमने अपने पिछले समाचार में बताया था कि एक और फ्लोर की शेट्रिंग हो चुकी है और छड़ बाँधा जा चूका है। दिनांक 3 जुलाई को प्रकाशित हमारी खबर पर संज्ञान लेते हुवे वाराणसी विकास प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों के निर्देशन पर कार्यवाई की बात भी हुई। जिस पर हमारे सूत्र बताते है कि कथित रूप से जेई साहब ने मौके पर जाकर बिल्डर को सख्त चेतावनी दिया कि कोई निर्माण कार्य न हो। मगर हमारे पास आज ली गई तस्वीर इस बात को चीख चीख कर कहती है कि वाराणसी विकास प्राधिकरण की सख्ती शायद नोटों की बारिश से नम हो गई होगी तभी तो एक फ्लोर और ढल गया, बेसमेंट बनकर तैयार हो गया।
बताते चले कि भवन संख्या सीके 43/164 को जब वाराणसी विकास प्राधिकरण ने 13 मई 2025 को सील किया तो वाराणसी विकास प्राधिकरण के द्वारा समस्त जिम्मेदारो को इसकी इत्तेला पत्र लिखा कर किया गया था कि उक्त निर्माण अवैध रूप से हो रहा है जिसको जी+3 पर सील कर दिया गया है। विकास प्राधिकरण के जारी पत्रांक संख्या सीके 31/23/(नो)वि0प्रा0/भवन (जोन-3) जिसकी प्रति हमारे पास सूत्रों के माध्यम से उपलब्ध है, से प्राप्त जानकारी चौकाने वाली है। यही नहीं इस पत्रांक का अवलोकन करे तो एक गंभीर अपराध का भी वाराणसी विकास प्राधिकरण इस पत्र के ज़रिये खुलासा करता है।
वाराणसी विकास प्राधिकरण के द्वारा जारी यह पत्रांक संख्या सीके 31/23/(नो)वि0प्रा0/भवन (जोन-3) में साफ़ साफ़ बताया गया है कि विकास प्राधिकरण के द्वारा इस अवैध निर्माण को रोकने हेतु पहले अधिनियम 19(3) के तहत नोटिस 14 मार्च 2024 को जारी किया गया था। जिसके बाद भी शाहिद मौलाना के द्वारा यह अवैध निर्माण नहीं रोका तो भवन सील कर दिया गया। इस पत्र में उल्लेख है कि दिनांक 5 अप्रैल 2024 और दुबारा दिनांक 2 मई 2024 को सील हुवे भवन की सील तोड़ कर अवैध निर्माण किया जा रहा है। जब ये हठधर्मी ठेकेदार शाहिद मौलाना फिर भी नहीं माना तो दिनांक 13 मई 2025 को उक्त भवन जी+3 पर सील कर दिया गया। साथ ही इसको पुलिस अभिरक्षा में दे दिया गया।
इन सबके बावजूद भी अवैध निर्माण में पीएचडी करके बैठा बिल्डर शाहिद मौलाना नहीं रोका जा रहा है और इसके द्वारा सील तोड़ कर काम जारी है। जिसके कई बार सुपरवाईज़र के ज़रिये खुद वाराणसी विकास प्राधिकरण के आला अफसरान ने जाँच करवाया है। चौक पुलिस ने अवैध रूप से निर्माण होने की बात सुनकर शाहिद मौलाना को घंटो तक पूछताछ भी किया। मगर शातिर दिमाग का मालिक और अवैध निर्माण में पीएचडी करके बैठा बिल्डर शाहिद मौलाना पुलिस को भी चकमा दे गया और शमन मानचित्र दाखिल करने की रसीद को कूटरचित तरीके से पेश करके निर्माण करने की अनुमति बता दिया।
इस सम्बन्ध में वाराणसी विकास प्राधिकरण क्या कार्यवाई करता है यह इसी बात से समझा जा सकता है कि जब पूर्व सूचित अवैध निर्माण को स्थानीय जेई के द्वारा नहीं रोका जा सका तो रविन्द्र बाबू अब क्या ख़ाक कार्यवाई करेगे ? वाराणसी विकास प्राधिकरण के हमारे सूत्र बताते है कि कड़ी कार्यवाई इस ज़ोन के जोनल अधिकारी सौरभ कुमार द्वारा प्रस्तावित है। मगर स्थानीय जेई रविन्द्र बाबु को अपने प्रिय अवैध निर्माण करवाने वाले शाहिद मौलाना को दर्जा-ब-दर्जा अवैध निर्माण को करवाने का रास्ता मुहैया करवाते रहते है। जेई साहब के सम्बन्ध में कई बड़े आरोप भी बाजारों में चर्चाओं का केंद्र है कि शातिर बिल्डर शाहिद मौलाना के द्वारा जेई साहब के यहाँ आयोजित शादी समारोह में बढ़ चढ़ का हिस्सा लिया था। अब अगर ये आरोप सच है तो फिर भाई क्या किया जा सकता है? आखिर नमक का क़र्ज़ भी तो उतारना है। नमक का वज़न उठाना ही पड़ेगा।
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पापा हैं तो होइए जायेगा..