दालमंडी चौडीकरण: प्रशासन द्वारा विस्थापना के विकल्प देने पर बोले एसएम यासीन ‘दिल्ली की पालिका बाज़ार के तर्ज पर हो विस्थापना, न कि शहर से दूर’, प्रशासन से कहा ‘बिल्डरो और क्रिमिनल्स को रखे इससे दूर’

शफी उस्मानी
वाराणसी: वाराणसी के दालमंडी गली के चौडीकरण प्रस्ताव पर चल रही प्रशासनिक कवायद के क्रम में आज प्रशासन ने दालमंडी के दुकानदारो संग बैठक करके दो विकल्प क्रमशः मोहन सराय और लोहता का दिया। मगर दालमंडी के दुकानदारों द्वारा दोनों ही विकल्पों को चूनने से इंकार कर दिया गया। इस क्रम में ज्ञानवापी मस्जिद की देख रेख करने वाली संस्था अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने एक प्रेस नोट जारी कर प्रशासन से मांग किया है कि वह दालमंडी के विस्थापना को शहर से दूर नहीं बल्कि दालमंडी के आसपास ही रखे।

आगे कहा है कि ‘इसके उनके निदान हेतु कोशिश में उनके लिए दुकान बनाकर आबाद करना चाहते हैं। इसके लिए हम सब आपको, आपकी कोशिशों को बहुत बहुत सलाम। परन्तु हमारा निवेदन है कि दुकानदारों और उस पर काम करने वाले मजदूरों को शहर से दूर न ले जाकर नगर में स्थित पार्कों मे दिल्ली की पालिका बाज़ार जैसा बनाकर इन सब को आबाद करें। साथ ही इस बाज़ार को विशेषकर दालमंडी वालों के लिए ही सुनिश्चित करें।’
उन्होंने कहा कि ‘इस सेटअप से बिल्डर कम क्रिमिनल को दूर रखें। भवन स्वामियों के उत्पीड़न से बचाने का जतन किया जाना चाहिए। एक बार फिर हम इस प्रोजेक्ट के लिए सबका आभार प्रकट करते हैं। उम्मीद की मद्धिम सी लौ हो भी तो प्यारी है। यह एक किरन तनहा ज़ुलमात पर भारी है।’










