वक्त का तकादा या कौम की फिक्र…! ज्ञानवापी मस्जिद की देख रेख करने वाली संस्था अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की इल्तेजा पर युपी सुन्नी वक्फ बोर्ड ने दाखिल किया ट्रिब्यूनल में समय सीमा बढाने का केस

शफी उस्मानी

वाराणसी: वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद की देख रेख करने वाली संस्था अंजुमन इन्तेज़मियां मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन की पहल पर कल शनिवार को उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने ‘उम्मीद’ पोर्टल’ का वक्त बढाने के लिए वाद दाखिल किया है. शनिवार और रविवार की छुट्टी के कारण यह वाद मेल के द्वारा दाखिल किया गया है. जिस पर सुनवाई कल यानि सोमवार को होने की संभावना है. इस बात की तस्दीक बोर्ड के चेयरमैंन ज़ुफर फारुकी के द्वारा की गई है.

बताते चले कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुवे ‘उम्मीद पोर्टल’ पर वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन का वक्त बढाने से इंकार कर दिया था. मगर साथ ही निर्देश भी जारी किया था कि प्रदेश के वक्फ बोर्ड इस मामले में ट्रिब्यूनल में वाद दाखिल कर सकते है. जिसके क्रम में पंजाब वक्फ बोर्ड और मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने समय सीमा बढ़वा लिया है. इस क्रम में ज्ञानवापी मस्जिद की देख रेख करने वाली संस्था अंजुमन इन्तेजामियां मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव ने कमेटी की जानिब से पत्र भेज कर चेयरमैंन वक्फ बोर्ड से इल्तेजा किया कि ट्रिब्यूनल में केस दाखिल किया जाए, जिसका खर्च हस्ब-ए-ज़रूरत अंजुमन उठा लेगी.

जिसके जवाब में वक्फ बोर्ड के चेयरमैंन ज़ुफर फारुकी ने एसएम यासीन को जवाब देते हुवे लिखा कि ‘जी, इंशा अल्लाह वक़्फ़ बोर्ड की तरफ़ से पूरे उत्तर प्रदेश के अवक़ाफ़ के लिए समय सीमा बढ़ाने की दरख्वास्त कल 08/12/2025 को  वक़्फ़ ट्रिब्यूनल में प्रस्तुत कर दी जाएगी। चूँकि ट्रिब्यूनल सनीचर और इतवार को बंद रहती है, इसलिए एहतियात के तौर पर समय सीमा बढ़ाने की दरखास्त की सॉफ्ट कॉपी कल यानी 06/12/2025 को ही ट्रिब्यूनल को बज़रिये ईमेल भेजी जा चुकी है।’

इस मुताल्लिक इत्तेला देते हुवे एसएम यासीन ने सोशल मीडिया सन्देश के द्वारा बताया कि ‘जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं कि जनाब चेयरमैन साहब व सीईओ साहब व दीगर स्टाफ की अनथक कोशिशों के बावजूद लाखों की संख्या में मौजूद सिर्फ उत्तर प्रदेश में उम्मीद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। क्योंकि सर्वर डाउन चल रहा था। जिसके कारण औक़ाफ खतरे में पड़ गए हैं। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने समय सीमा बढ़ाने से मना कर दिया था और समय बढ़ाने हेतु वक्फ ट्रिब्यूनल में आवेदन करने को कहा था।’

उन्होंने आगे लिखा कि ‘इसमें समस्या यह थी कि इस अवसर का लाभ उठा पाना भी सब के लिए संभव नहीं था। ऐसे में मैं चेयरमैन साहब से गुज़ारिश करता रहा कि वह बहैसियत चेयरमैन उत्तर प्रदेश सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड समूचे उत्तर प्रदेश के औक़ाफ को बचाने हेतु वक्फ ट्रिब्यूनल मे समय सीमा 6 माह के बढ़ाने के लिए आवेदन करने का कष्ट करें और इस पूरी कवायद में जो भी खर्च आएगा अंजुमन इन्तेज़ामिया मसाजिद बनारस देने को तैयार है।’

एसएम यासीन ने आगे लिखा कि ‘अपने स्वभाव के अनुरूप उनका जवाब उम्मीद अफज़ा रहा है। क्योकि गत दस वर्षों में उनका सहयोगात्मक रवैय्या काबिले तारीफ रहा है। पंजाब वक्फ बोर्ड और मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने समय सीमा बढ़वा लिया है। आप सभी से दुआ की गुज़ारिश है।’

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