बनारस में क्वीयर प्राइड का निकला गुलाब बाग सिगरा से मार्च, ट्रांसजेंडर एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवाज़ हुई बुलंद

निलोफर बानो
वाराणसी: शहर में रविवार 7 दिसंबर 2025 को गुलाबबाग, पार्क, सिगरा से मलदहिया तक क्वीयर प्राइड मार्च निकाला गया। रंग-बिरंगे झंडों और पोस्टरों के बीच बड़ी संख्या में LGBTQIA+ समुदाय, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने इस मार्च में भाग लेकर समानता, सम्मान और सुरक्षित माहौल के लिए बात उठाई।


मार्च स्थल पर हुई सभा में काशी विद्यापीठ के प्रोफेसर संजय ने कहा कि बनारस सर्वधर्म सर्वपंथ की प्रतिनिधि जगह रही है। यहां सभी तरह के विचार और कार्यक्रमों की स्वीकार्यता रही है। बनारस में क्वियर समुदाय की स्वीकार्यता भी होनी चाहिए। मार्च स्थल पर हुई सभा में हेतवी ने कहा कि ट्रांसजेंडर (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 कानून मौजूद तो है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसके लागू होने में कई चुनौतियाँ हैं—जैसे ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाणपत्र जारी करने में देरी, भेदभाव-मुक्त माहौल की कमी, शिक्षा स्कॉलरशिप रोजगार, आवास और सरकारी विभागों में संवेदनशीलता प्रशिक्षण की कमी दिखाई देती है।

कार्यक्रम का संचालन दीक्षा और अनन्या ने किया। स्वागत नीति ने किया। लोक समिति की ओर से नन्दलाल मास्टर और उनके दल ने जनगीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से नीति, टैन, आर्या, अनन्या मिथि, साहिल, स्मृति, हेतवी, श्रेया, उदय, अनन्या, अर्जुन, तुषार, बंटी, ओम, अनामिका, अनुराग, जैसिक, केटी, राधा, नितिन जाह्नवी, प्रेम नट, वरिष्ठ गांधियन रामधीरज भाई, जागृति राही, डॉ आनंद प्रकाश तिवारी सहित अफसाना, चन्दन, सुमन, कैलाश, नैन्सी, नेहा, माना और मूसा आज़मी आदि मौजूद रहे।










