काशी की धरती से सीएम योगी का विपक्ष पर प्रहार: बोले— “कांग्रेस जनता को दिग्भ्रमित न करे, हमारी सरकार मंदिरों का विनाश नहीं, पुनरुद्धार कर रही है”

ईदुल अमीन
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने वाराणसी दौरे के दौरान विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। मणिकर्णिका घाट और अन्य क्षेत्रों में विकास कार्यों के दौरान प्राचीन मूर्तियों को नुकसान पहुँचाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सीएम ने कहा कि विपक्षी दल अपनी ‘नकारात्मक राजनीति’ के जरिए जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।
मंदिरों का ‘विनाश’ नहीं ‘विकास’ हो रहा है: मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा:
“जो लोग कभी राम और शिव के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वे आज विकास कार्यों पर झूठ फैला रहे हैं। काशी में मंदिरों को तोड़ा नहीं जा रहा, बल्कि सदियों से अतिक्रमण और उपेक्षा की मार झेल रहे विग्रहों और देवालयों का वैज्ञानिक तरीके से पुनरुद्धार (Restoration) कर उन्हें भव्य रूप दिया जा रहा है।”
विपक्ष की ‘दिग्भ्रमित’ करने वाली राजनीति: सीएम योगी का यह बयान हाल ही में मणिकर्णिका घाट पर कॉरिडोर निर्माण के दौरान प्राचीन मूर्तियों के खंडित होने के दावों के बीच आया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब-जब भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौटता है, कांग्रेस को परेशानी होने लगती है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं से बचें।
मणिकर्णिका और दशाश्वमेध घाट का कायाकल्प: मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो और श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनर्विकास की इस प्रक्रिया में किसी भी पौराणिक मान्यता या विग्रह की मर्यादा का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा।
सियासी गलियारों में सीएम के इस बयान को काशी के व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों में बढ़ रहे असंतोष को शांत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हाल ही में दालमंडी में चौड़ीकरण के विरोध और घाटों पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर आक्रोश बढ़ा है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने श्रीकाशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर में दर्शन–पूजन किया और इसके बाद सीधे सर्किट हाउस के लिए रवाना हो गए। सीएम योगी के संभावित घाट निरीक्षण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा।
सतुआ बाबा आश्रम से मणिकर्णिका घाट तक रेड कार्पेट बिछाया गया, सुबह से ही यातायात प्रतिबंध लागू किए गए और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थें। घाट और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हालांकि, तमाम तैयारियों के बावजूद मुख्यमंत्री मणिकर्णिका घाट नहीं पहुंचे। गौरतलब है कि मणिकर्णिका घाट पर अहिल्याबाई की प्रतिमा, मढ़ी और कथित तोड़फोड़ से जुड़े वायरल वीडियो को लेकर बीते कई दिनों से सियासी माहौल गर्म है। कांग्रेस समेत कई संगठनों ने विरोध दर्ज कराया है। सीएम योगी के मणिकर्णिका घाट पर न पहुंचने को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।











