एसटीएफ का बड़ा प्रहार: कोडीन तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल का पासपोर्ट निरस्त; अब दुबई में कटना होगा मुश्किल, डिपोर्ट करने की तैयारी तेज
बड़ी कार्रवाई: कोडीन कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल का पासपोर्ट निरस्त। अब दुबई में रहना हुआ अवैध, जल्द हो सकता है डिपोर्ट। एसटीएफ ने कसा शिकंजा, ₹50,000 का है इनाम। पढ़ें PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

शफी उस्मानी
वाराणसी: उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) ने करोड़ों रुपये के कोडीन कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। शुभम का भारतीय पासपोर्ट आधिकारिक तौर पर निरस्त (Cancel) कर दिया गया है। इस कदम के बाद अब शुभम का दुबई में रुकना न केवल अवैध हो गया है, बल्कि उसके भारत प्रत्यर्पण या निर्वासन (Deportation) का रास्ता भी साफ हो गया है।

- अवैध निवास: शुभम अब दुबई में एक ‘अवैध प्रवासी’ की श्रेणी में आ गया है।
- डिपोर्टेशन: स्थानीय प्रशासन उसे पकड़कर भारत डिपोर्ट कर सकता है।
- इमरजेंसी सर्टिफिकेट: अब शुभम केवल भारतीय दूतावास से जारी ‘इमरजेंसी सर्टिफिकेट’ (EC) के जरिए ही यात्रा कर पाएगा, जो उसे सीधे भारत लाने के लिए इस्तेमाल होगा।
सिंडिकेट पर चौतरफा शिकंजा शुभम जायसवाल पर ₹50,000 का इनाम घोषित है और उसके खिलाफ पहले ही ‘लुक आउट सर्कुलर’ (LOC) जारी किया जा चुका है। हाल ही में:
- संपत्ति कुर्की: वाराणसी और सोनभद्र पुलिस ने शुभम और उसके पिता भोला प्रसाद की करीब ₹38 करोड़ की संपत्तियों को कुर्क और फ्रीज कर दिया है, जिसमें भेलूपुर स्थित ‘KBN प्लाजा’ भी शामिल है।
- दायां हाथ गिरफ्तार: हाल ही में एसटीएफ ने शुभम के सबसे करीबी सहयोगी विकास सिंह नरवे को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया है। विकास ही वह व्यक्ति था जिसने शुभम को बड़े तस्करों से मिलवाया था।
ईडी की भी नजर प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत जांच कर रहा है। आरोप है कि शुभम ने फर्जी जीएसटी फर्मों के जरिए कफ सिरप की करोड़ों बोतलें बेचीं और ₹500 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई की।











