आत्महत्या या खतरनाक षड्यंत्र ? महादेव पीजी कॉलेज के टीचर का फंदे से लटकता शव; जूते-मोजे पहनकर मरने की अजब कहानी

निलोफर बानो
वाराणसी: शिवपुर थाना क्षेत्र का गिलट बाज़ार इलाका शुक्रवार की रात चर्चा के केंद्र में उस वक्त आया, जब चिरईगांव के बरियासनपुर स्थित महादेव पीजी कॉलेज के मैथ टीचर सुरेश तिवारी का शव उनके के कमरे में फंदे से लटकता हुआ पाया गया। अक्सर विवादों के केंद्र में रहने वाले महादेव पीजी कॉलेज का नाम इस घटना के बाद एक बार फिर चर्चाओं में है। और अंदरखाने सुरेश के उत्पीड़न पर कानाफूसी हो रही है। हालांकि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, लेकिन घटनास्थल से मिले सुराग किसी भी एंगल से आत्महत्या की ओर इशारा नहीं कर रहे हैं।

PNN24 न्यूज़ के सूत्रों के मुताबिक, सुरेश तिवारी का शव जिस स्थिति में मिला, वह कई सवाल खड़े करता है। शिक्षक ने पैरों में जूते और पूरे कपड़े पहन रखे थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जो शिक्षक अकेले रहने के कारण घर में गंदगी के बीच रहता था, शुक्रवार रात उसके कमरे में ‘मुकम्मल साफ़-सफाई’ मिली। परिजनों ने भी किसी अनहोनी की पुष्टि की है और कहा कि घर अचानक इतना साफ़ कैसे हो गया?
वेतन संकट और आर्थिक तंगी का ‘महादेव‘ कनेक्शन
मृतक के परिजनों और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुरेश तिवारी पिछले काफी समय से आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे थे। आरोप है कि महादेव पीजी कॉलेज प्रशासन ने लंबे समय से उनका वेतन नहीं दिया था। क्या एक शिक्षक को मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उसने मौत को गले लगा लिया? या फिर इस आर्थिक विवाद के पीछे कोई और कहानी छिपी है?
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल: ‘तहरीर‘ का खेल?
सूत्रों का दावा है कि पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। वहीं, PNN24 न्यूज़ के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मृतक के भाई से कथित तौर पर ‘आत्महत्या’ की तहरीर लिखवाकर अपनी औपचारिकता पूरी कर ली है। सवाल यह है कि शिवपुर पुलिस ने मामले की गहराई से जांच करने के बजाय इसे ‘सामान्य आत्महत्या’ की फाइल में बंद करने की जल्दबाजी क्यों दिखाई? शिवपुर थाना पहले ही महादेव कॉलेज का खास भक्त माना जाता हैं।
अनुत्तरित सवाल जिनका जवाब वाराणसी मांग रहा है:
- एक शिक्षित और डॉक्टरेक्ट व्यक्ति, जो गणित जैसा विषय पढ़ाता हो, वह जूतों समेत आत्महत्या क्यों करेगा?
- जिस घर में महीनों से गंदगी थी, मौत वाली रात वहां सफाई किसने की?
- क्या कॉलेज प्रशासन द्वारा वेतन रोकना आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला नहीं है? महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ को भी इस पर जबाव देना चाहिए ?
- इस के पहले भी महादेव पीजी कॉलेज के प्रबंध तंत्र पर हत्या और लड़कियों के यौन शोषण के गम्भीर आरोप है। क्या सुरेश की तथाकथित आत्महत्या की कहानी के तार इनमें से कही जुड़े तो नहीं।
- PNN24 न्यूज़ के सूत्र बताते है कि सुरेश ने एक सप्ताह पहले ही अपने छात्रो को कहा था कि कालेज प्रबंधन उसकी सुन नहीं रहा है, आखिर क्यों सुरेश ने अपने छात्रों को 1 हफ्ते पहले बताया था कि कॉलेज प्रबंधक और उसका तंत्र उसको मानसिक रूप से परेशान कर रहा है, और वो कॉलेज में अब रहना नहीं चाहता !!
- क्या पुलिस शिक्षक के मोबाइल कॉल डिटेल्स और कॉलेज के लेन-देन की जांच करेगी?
- जैसा सूत्र और पारिवारिक सदस्यों के द्वारा बताया गया कि मृतक के नंबर पर 1090 से कॉल आया था, क्या पुलिस इस बात को ज़ाहिर करेगी कि वह कॉल किसकी शिकायत पर आई थी।
संजय तिवारी की पत्नी सरोज पाण्डेय अपनी पुत्री के साथ पटना में रहती हैं। शनिवार को मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन उनकी मौत के पीछे छिपाए गये राज क्या शिवपुर पुलिस की फाइलों में दफन हो जाएंगे।











