वाराणसी: 4 साल से ‘कछुआ चाल’ चल रही शिवपुर पुलिस की जाँच पर अदालत सख्त; यूपी कॉलेज ट्रस्ट घोटाले सम्बंधित ऍफ़आईआर में थाना प्रभारी शिवपुर को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी

वाराणसी: यूपी कॉलेज ट्रस्ट घोटाले में 4 साल बाद भी पुलिस की 'जांच' शून्य! अदालत ने शिवपुर थाना प्रभारी को जारी किया कारण बताओ नोटिस। करोड़ों के गबन मामले में अब तक नहीं हुआ वादी का बयान।

शफी उस्मानी 

वाराणसी (PNN24 News): वाराणसी पुलिस की कार्यप्रणाली और लचर जांच प्रक्रिया पर एक बार फिर न्यायपालिका ने कड़ा रुख अपनाया है। ऐतिहासिक उदय प्रताप (यूपी) कॉलेज और हीवेट क्षत्रिय स्कूल एंडोर्समेंट ट्रस्ट से जुड़े करोड़ों रुपये के गबन के मामले में, 4 वर्ष बीत जाने के बावजूद जांच पूरी न होने पर अदालत ने गहरी नाराज़गी जताई है। सिविल जज (जु0डि0) 14वाँ वित्त आयोग ने थाना शिवपुर प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

अदालत का तीखा सवाल: ‘आखिर कौन सी जांच है जो 4 साल में पूरी नहीं हुई?’ अदालत ने नोटिस में स्पष्ट रूप से पूछा है कि ऐसी कौन सी गुत्थी है जिसे सुलझाने में शिवपुर पुलिस को 4 साल लग गए और अभी तक नतीजा सिफर है। बता दें कि इस मामले में 22 जनवरी 2026 तक की अदालती पत्रावली (फाइल) के अवलोकन से यह साफ हुआ कि पुलिस ने अब तक कोई भी जांच आख्या (रिपोर्ट) कोर्ट में दाखिल नहीं की है।

क्या है करोड़ों के गबन का पूरा मामला? राजा उदय प्रताप जादौन द्वारा स्थापित इस प्रतिष्ठित संस्थान के संचालन के लिए एक ट्रस्ट का निर्माण किया गया था। इस ट्रस्ट की प्रतिभूतियां (Securities) उत्तर प्रदेश सरकार के कोषाध्यक्ष के पास सुरक्षित हैं। आरोप है कि:

  • इन प्रतिभूतियों पर मिलने वाला ब्याज ‘सचिव, उदय प्रताप कॉलेज’ के नाम से इंडियन बैंक (तत्कालीन इलाहाबाद बैंक) की शाखा में आता था।
  • तत्कालीन शाखा प्रबंधक कुमार गौरव द्वारा बिना किसी वैध हस्ताक्षर या आदेश के, फर्जी तरीके से इस फंड को किसी अन्य खाते में स्थानांतरित किया जा रहा था।

अदालत के आदेश पर हुई थी FIR, फिर भी पुलिस ‘सुस्त’ ट्रस्ट के सह सचिव आनंद विजय सिंह की शिकायत पर जब पुलिस ने सुनवाई नहीं की, तो उन्होंने अदालत का दरवाजा खटाखटाया। कोर्ट के आदेश पर 1 सितंबर 2021 को शिवपुर थाने में अपराध क्रमांक 459/21 दर्ज किया गया।

‘अजब शिवपुर पुलिस, गजब जांच’: यूपी कॉलेज ट्रस्ट घोटाले में 4 साल से धूल फांक रही FIR; करोड़ों की धोखाधड़ी पर पुलिस की ‘रहस्यमयी’ चुप्पी

वादी का दर्द: “आज तक मेरा बयान तक दर्ज नहीं हुआ” वादी आनंद विजय सिंह ने PNN24 News से विशेष बातचीत में पुलिस की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:

“4 साल बीत गए, कई थानेदार आए और गए, लेकिन पुलिस ने आज तक मेरा बयान तक दर्ज नहीं किया। बैंक मैनेजर और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तो दूर की बात है, पुलिस फाइलों को दबाकर बैठी है।”

PNN24 न्यूज़ के गंभीर सवाल:

  1. क्या करोड़ों की इस धोखाधड़ी में पुलिस किसी सफेदपोश या ‘बड़े हाथ’ के दबाव में काम कर रही है?
  2. डिजिटल बैंकिंग के दौर में ट्रांजैक्शन की जांच करने में 4 साल का समय लगना क्या पुलिस की मिलीभगत की ओर इशारा नहीं करता?
  3. वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस, जो त्वरित न्याय का दावा करती है, उसकी नाक के नीचे एक प्रतिष्ठित संस्थान के साथ खिलवाड़ कैसे होता रहा?

अदालत के इस कड़े रुख के बाद अब वाराणसी पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। देखना यह है कि शिवपुर पुलिस इस ‘कारण बताओ’ नोटिस का क्या जवाब देती है।

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