‘मैदागिन’ से ‘हरहुआ’ तक STF का जाल; विधानसभा में गूंजे सवालों के बाद अमित यादव गिरफ्तार, कफ सिरप सिंडिकेट और विदेश दौरों पर फंसा पेंच
वाराणसी: लखनऊ STF की बड़ी कार्रवाई, हरहुआ से गिरफ्तार हुआ अमित यादव। विधानसभा में सीएम योगी ने उठाए थे विदेश दौरे और कफ सिरप सिंडिकेट पर सवाल। रडार पर थे सपा नेता, PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

शफी उस्मानी
वाराणसी: उत्तर प्रदेश की लखनऊ एसटीएफ (STF) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए वाराणसी के कोतवाली थाना क्षेत्र के मैदागिन निवासी अमित यादव को हरहुआ इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई है जब अमित यादव का मामला प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत यानी ‘विधानसभा’ में गूंज रहा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के बाद से ही अमित यादव सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर थे।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया था कि अमित यादव कफ सिरप की अवैध तस्करी करने वाले बड़े नेटवर्क और उसके मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के व्यापारिक साझेदार हैं। सदन में अखिलेश यादव के साथ उनकी तस्वीरों का भी जिक्र हुआ था।
हरहुआ से हुई गिरफ्तारी मिली जानकारी के अनुसार, एसटीएफ की टीम लगातार अमित यादव की लोकेशन ट्रैक कर रही थी। सोमवार को जब वह हरहुआ क्षेत्र से कहीं निकलने की फिराक में थे, तभी एसटीएफ की लखनऊ यूनिट ने उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ उन्हें लेकर पूछताछ के लिए गुप्त स्थान पर रवाना हो गई है, जहाँ उनके वित्तीय लेन-देन और तस्करी सिंडिकेट में उनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है।
क्या है मुख्य मामला? अमित यादव का नाम कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध तस्करी सिंडिकेट (Illegal Diversion) से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल और अमित यादव के बीच भारी वित्तीय लेन-देन हुआ है। शासन का मानना है कि इस अवैध कमाई का इस्तेमाल रसूख बनाने और विदेश यात्राओं में किया गया।
अमित यादव की गिरफ्तारी योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा मानी जा रही है। सदन में मुख्यमंत्री के बयान के ठीक बाद हुई यह कार्रवाई संकेत देती है कि अवैध तस्करी और ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े किसी भी रसूखदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।











