‘वाराणसी: पिंडरा की नट बस्ती में गूंजी सामाजिक न्याय की आवाज़; DNT Youth Resource Centre पर युवाओं को मिला नेतृत्व और संवैधानिक अधिकारों का प्रशिक्षण’
वाराणसी ब्रेकिंग: पिंडरा के बेलवा में DNT Youth Resource Centre पर विमुक्त, घुमंतू, नट और मुसहर समुदाय के युवाओं के लिए ऐतिहासिक युवा नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम। एशियन ब्रिज इंडिया और नट समुदाय संघर्ष समिति के तत्वावधान में इतिहास, शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों पर मंथन; 40 से अधिक युवा हुए शामिल। पढ़ें PNN24 की ग्राउंड रिपोर्ट।

निलोफर बानो
वाराणसी (PNN24 News): वाराणसी जनपद की पिंडरा तहसील अंतर्गत बेलवा नट बस्ती में संचालित DNT Youth Resource Centre पर विमुक्त, घुमंतू, नट और मुसहर समुदाय के भविष्य को संवारने और उन्हें सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। 19 जून 2026 को नट समुदाय संघर्ष समिति और एशियन ब्रिज इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में ‘DNT इतिहास, शिक्षा और युवा नेतृत्व’ पर केंद्रित एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र की कई बस्तियों के लगभग 40 युवाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
📜 “जन्मजात अपराधी” के कलंक से सामाजिक न्याय तक का सफर
कार्यशाला के मुख्य वक्ता और एशियन ब्रिज इंडिया के अध्यक्ष मोहम्मद मूसा आज़मी ने युवाओं को संबोधित करते हुए विमुक्त और घुमंतू (DNT) समुदायों के ऐतिहासिक और दर्दनाक संघर्षों की परतें खोलीं। उन्होंने कहा:
- औपनिवेशिक क्रूरता: ब्रिटिश हुकूमत के दौरान किस प्रकार सोची-समझी साजिश के तहत इन समुदायों को “जन्मजात अपराधी” (Criminal Tribes Act) घोषित कर दिया गया था।
- स्वतंत्रता के बाद का पूर्वाग्रह: दुर्भाग्यवश, देश आजाद होने के बाद भी सामाजिक भेदभाव और प्रशासनिक पूर्वाग्रहों के कारण आज भी इन समुदायों को “आदतन अपराधी” की संदेहास्पद दृष्टि से देखा जाता रहा है, जिसे बदलना बेहद जरूरी है।
आज़मी ने इस दौरान महार रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास, देश में भारतीय दंड संहिता (IPC) के आगमन और भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों व सामाजिक न्याय के विषयों पर युवाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा सिर्फ नौकरी पाने का जरिया नहीं, बल्कि ज्ञान, आत्मसम्मान और सामाजिक बदलाव का सबसे मजबूत हथियार है।
🗣️ सुल्ताना डाकू की कहानी से आत्मसम्मान की अलख
कार्यक्रम की शुरुआत नट समुदाय संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रेम नट द्वारा सभी आगंतुकों के स्वागत और परिचय के साथ हुई। सत्र के दौरान प्रेम नट ने अपने जीवन के व्यक्तिगत अनुभवों और समुदाय के सामूहिक संघर्षों को साझा करते हुए कहा कि सदियों से समाज में नट समुदाय को गलत धारणाओं के आधार पर अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया जाता रहा है। उन्होंने मशहूर ऐतिहासिक चरित्र ‘सुल्ताना डाकू’ की कहानी के वास्तविक सामाजिक संदर्भों को समझाते हुए युवाओं को आत्मसम्मान के साथ जीने और सामुदायिक नेतृत्व संभालने के लिए प्रेरित किया।
इस विशेष मौके पर प्रयागराज से पधारे Peoples Voice के अध्यक्ष राजेश कुमार ने भी मुसहर और नट समुदाय के लोगों को जागरूक किया और अपने संघर्षों की कहानियां साझा कर युवाओं में नया जोश भरा।
🎯 क्या हैं इस विशेष पहल के मुख्य उद्देश्य?
बेलवा पिंडरा स्थित DNT Youth Resource Centre की इस व्यापक पहल के निम्नलिखित मुख्य लक्ष्य तय किए गए हैं:
- नेतृत्व क्षमता का विकास: विमुक्त और घुमंतू समुदाय के युवाओं के भीतर छिपी लीडरशिप क्वालिटी को निखारना।
- संवैधानिक जागरूकता: युवाओं को उनकी वास्तविक ऐतिहासिक पहचान, अधिकारों और कानूनी सुरक्षा के प्रति सचेत बनाना।
- शिक्षा और संगठन: समुदाय को संगठित कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करना।
- सामुदायिक केंद्र: DNT Youth Resource Centre को इस पूरे क्षेत्र में सामाजिक और सामुदायिक जागरण के मुख्य केंद्र के रूप में सुदृढ़ करना।
👥 कार्यक्रम में इनकी रही सक्रिय गरिमामयी उपस्थिति
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बेलवा, मझगवा, बेलवा मुसहर बस्ती, फत्तूपुर, कुआर नट बस्ती तथा जगलपुर के ग्रामीण और युवा शामिल हुए। समुदाय की ओर से सदय, गुड्डू नट, पप्पू नट, छैला नट, डब्बल नट, मनिजर नट, सब्बल नट, गहरू, रिंका, कुट्टी, चंदा, राजन, प्रमिला, रीता और करन नट ने अपनी आवाज बुलंद की। वहीं, संस्था की तरफ से सौरभ, राहुल, करन, रोहित, गुंजा, ज्योति, करन मुसहर, रिया, नेहा, नंदनी, माना देवी और सूरज नट सहित कई कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।











