कुरहंस आश्रम के आचार्य हरिहर कृपालु को पद्मश्री सम्मान, जनपद में हर्ष की लहर, हुआ स्वागत

यशपाल सिंह 
आज़मगढ़ : देश के बड़े राष्ट्रीय पुरस्कार में से एक पदम श्री सम्मान इस बार आजमगढ़ और मऊ जनपद की सीमा के पास आजमगढ़ जिले के कुरहंस कोठिया गाँव स्थित श्री महारथी संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य हरिहर कृपालु त्रिपाठी को भी मिलेगा। इस वर्ष 75 पदम् श्री सम्मान से नवाजे जाने वाले नाम की घोषणा इस अंदरूनी गाँव में देर से मिली लेकिन जैसे ही मिली लोगों में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी। हरिहर त्रिपाठी इस कालेज में करीब 25 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। लोगों ने हरिहर का कालेज पहुँच कर स्वागत किया। पदमश्री मिलने की सूचना से हरिहर भी खुश हैं उनका कहना है कि समाज में अच्छे संस्कारवान युवाओं को लाना उनका उद्धेश्य है। आज की शिक्षा मात्र डिग्री की फैक्ट्री के रूप में तब्दील होती जा रही है जो बहुत ही चिंता का विषय है। डिग्री प्राप्त करने का उद्देश्य मात्र सरकारी नौकरी प्राप्त करना रह गया है। जबकि महाविद्यालयों में अच्छे संस्कार, नैतिकता, आचार, व्यवहार आदि की डिग्री मिलनी चाहिए जिससे जो भी युवा यहाँ से शिक्षा ग्रहण कर निकले तो समाज व देश के बारे में सोचे। पश्चिमी सभ्यता का अन्धानुकरण भी ठीक नहीं है बल्कि वहाँ से अच्छी बातों को ग्रहण कर अपनी संस्कृति, समाज व देश को गौरवान्वित करना चाहिए। हरिहर कृपालु मध्य प्रदेश के मैहर जनपद के रुद्रपुर गाँव के निवासी हैं और प्राथमिक से इंटर तक की शिक्षा वहीं से ग्रहण कर स्नातक इलाहाबाद से किया। दिल्ली व वाराणसी से उछ शिक्षा ग्रहण करने के बाद आजमगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर कुर्हंस महाविद्यालय में शिक्षक नियुक्त हुए तो फिर यहाँ शिक्षा के साथ लोगों में अध्यात्मिक ज्ञाता के रूप में भी चर्चित हुए।

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