खुद पर कार्यवाही से बचने के लिए किया था धर्म परिवर्तन की चेतावनी देता वीडियो वायरल, जाँच में निकली कुछ ऐसी हकीकत कि अब वीडियो वायरल करने वालो पर भी होगा मुकदमा

आदिल अहमद

कासगंज। लोग अपने बचाव के लिए क्या क्या जुगाड़ लगाया करते है। शायद इस जुगाड़ के फेल हो जाने पर खुद के घिर जाने का खतरा उनको नही लगता है। ऐसा ही हुआ कुछ कासगंज निवासी एक बुजुर्ग के साथ। खुद का नाम केसरी बताने वाले इस बुज़ुर्ग ने एक वीडियो बना कर वायरल करवाया। जिसमें वह धर्म परिवर्तन करने की बात कह रहा है। उसका आरोप था कि कुछ दबंग उसको परेशान कर रहे है। मंगलवार को वायरल हुवे इस वीडियो से पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। डीएम और एसपी ने मामले की जांच कर एसडीएम और सीओ से रिपोर्ट मांगी है। जब रिपोर्ट सामने आई तो मामले का खुलासा हुआ।

पुलिस के अनुसार मामला जमीन विवाद से जुड़ा है। धर्म परिवर्तन की चेतावनी देने वाला बुजुर्ग अमानत में खयानत के एक मुकदमे का आरोपी है, कार्रवाई से बचने के लिए उसने ऐसा वीडियो शेयर किया है। एसडीएम ललित कुमार और सीओ आरके तिवारी ने मामले की जांच कर प्रकरण को समाज के सामने लाये। सामने जो मामला आया वो इस तरह था कि वीडियो में जो बुजुर्ग धर्म परिवर्तन की बात कह रहा है वह अमानत में खयानत का आरोपी है और उसके खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हो चुका है और वह फरार चल रहा है। उसने मुकदमे से बचने के लिए ऐसा वीडियो बनाकर शेयर किया है।

एसपी मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि वीडियो वायरल करने वाले बुजुर्ग का नाम केसरी है। वह गांव दिहारी के रहने वाला है। उसके खिलाफ गांव के ही हरेंद्र ने 10 फरवरी को मुकदमा दर्ज कराया था। केसरी ने हरेंद्र से जमीन का सौदा साढ़े नौ लाख रुपये में किया था। जिसमें से साढ़े छह लाख रुपये केसरी ने हरेंद्र से ले लिए थे। फिर न रुपये वापस किए और न जमीन का बैनामा कराया।

अब होगी वीडियो वायरल करने वालो पर कार्यवाही

हाथो में मल्टीमीडिया सेट लेकर सोशल मीडिया पर जमकर इधर की उधर करने वालो की इस प्रकरण में शामत दिखाई दे रही है। प्रकरण में प्रशासन सब सख्त मूड में दिखाई दे रहा है। जब पूरी हकीकत का यह मामला डीएम सीपी सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने तत्काल संज्ञान लिया और जांच रिपोर्ट मिल जाने के बाद पूरा अवलोकन किया। उसके बाद उन्होंने इस वीडियो को वायरल करने वालों के खिलाफ धार्मिक उन्माद के मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसपी मनोज कुमार सोनकर ने कहा कि इस तरह का वीडियो वायरल करना अपराध की श्रेणी में आता है। मामले में जांच कराई गई। अमानत में खयानत के मुकदमे की कार्रवाई से बचने के लिए यह मनगढ़ंत वीडियो वायरल किया गया है। वायरल करने वाले पर कार्रवाई होगी।

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