शर्मनाक :  किशोरी ने लगाया 6 वर्षो से लगातार दुष्कर्म का आरोप, सपा, बसपा जिलाध्यक्ष, पिता, ताऊ, चाचा और भाई सहित कुल 25 पर मुकदमा दर्ज

संजय ठाकुर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। ललितपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एक मोहल्ला निवासी किशोरी ने अपने पिता, चाचा, ताऊ और जिले के सपा व बसपा के शीर्ष नेताओं पर छह वर्ष से दुष्कर्म कर शोषण किए जाने के आरोप लगाया है। किशोरी का कहना है कि उसने बहुत सहा है। छह साल तक उसके साथ दुष्कर्म होता रहा। उसके अपनों ने ही उसका शोषण किया और दूसरों से भी करवाते रहे। किशोरी ने पुलिस को बताया है कि वह जब भी इसका विरोध करती थी। पापा उसे बहुत पीटते थे और मां को मारने की धमकी देते थे। उधर, किशोरी के आरोपों से जहां पुलिस प्रशासन एफआईआर दर्ज कर तेजी से तहकीकात शुरू कर दिया है। दुष्कर्म का मुकदमा कुल 25 लोगो पर लिखा गया है। जिसमे अधिकतर पीडिता के पारिवारिक लोग है।

मामला कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एक मोहल्ला का है। जहा कि निवासी किशोरी से छह वर्षों तक दुष्कर्म किए जाने का आरोप अपने पिता, चाचा, ताऊ, सपा, बसपा के जिलाध्यक्ष के अलावा शहर के संभ्रांत लोगों पर लगाया है। पुलिस ने 25 नामजद समेत 28 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 17 वर्षीय किशोरी ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसके साथ सबसे पहले दुष्कर्म तब हुआ जब वह कक्षा छह में पढ़ती थी। पिता ने ग्राम महेशपुरा के खेतों के पास ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद यह सिलसिला शुरू हो गया। उसे होटलों में ले जाया गया। छह वर्षों से अलग-अलग लोगों ने दुष्कर्म किया। इनमें परिवार के लोग भी शामिल हैं। इस दौरान उसे बेचने का भी प्रयास किया गया। थक हारकर तीन दिन से किशोरी ने मां और भाई को अपने साथ कमरे में बंद कर किसी तरह फोन से पुलिस से शिकायत की।  सूचना पर मंगलवार को पुलिस अधीक्षक ने खुद किशोरी के घर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब वह मां और भाई के साथ बाहर आई। पुलिस ने इस मामले में  पिता, चाचा, ताऊ के अलावा जिले के सपा व बसपा के नेताओं पर मामला दर्ज क्या है। 25 नामजद लोगो में नौ परिवार के लोग हैं।

17 वर्षीय किशोरी ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह कक्षा छह में पढ़ती थी तब उसके पापा उसे घुमाने के लिए ले गए थे। रास्ते में उसे गंदा वीडियो दिखाया। अगले दिन रात आठ बजे नए कपड़े दिलाए और मोटरसाइकिल सिखाने की कहकर ग्राम महेशपुरा के खेतों के पास ले जाकर दुष्कर्म किया। उसे होटल ले जाया गया। वहां उसके साथ एक युवक ने दुष्कर्म किया। इसके बाद यह क्रम शुरू हो गया। छह वर्षों तक अलग-अलग लोगों ने दुष्कर्म किया। उसे बेचने का भी प्रयास किया गया। पुलिस ने इस मामले में तिलक यादव, राजू यादव, महेंद्र यादव, अरविंद यादव, प्रबोध तिवारी, सोनू समैया, राजेश जैन जोझिया, महेंद्र दुबे, नीरज तिवारी, महेंद्र सिंघई, दीपक अहिरवार और कोमलकांत सिंघई समेत 28 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। विरोधियों द्वारा राजनीतिक द्वेष भावना से एक फर्जी मामला बनाकर नाबालिग लड़की से झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें उसके चार भाइयों, सपा के नगर अध्यक्ष का नाम भी लिखा दिया गया है। इसके अलावा एक पार्षद और बीएसपी के जिलाध्यक्ष का नाम भी लिखाया है। लड़की ने अपने पिता, चाचा और ताऊ पर भी आरोप लगाए हैं। एफआईआर देखकर ही लग रहा है कि पूरा मामला झूठा है।

वही इस मामले में सपा के जिलाध्यक्ष तिलक यादव ने कहा है कि इस मामले में जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं। यदि कोई दोषी है तो उसे दंडित किया जाए, लेकिन झूठा न फंसाया जाए। यह उनके खिलाफ षड़यंत्र किया गया है। यदि उनकी छवि को और उनके परिवार को बर्बाद करने का प्रयास किया जाएगा तो वह आत्महत्या करने को विवश होंगे। उस महिला का पति से विवाद है और उसने बहकावे में आकर यह सब किया है। इस मामले में वह बुधवार को डीएम को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।

वही बसपा जिलाध्यक्ष दीपक अहिरवार ने कहा है कि उनके खिलाफ जो मुकदमा लिखाया गया है वह पूरी तरह झूठा है और विरोधियों द्वारा षडयंत्र किया गया है। उनका उस किशोरी या उसके परिवार से कोसों तक संबंध नहीं है, न ही वह उसे जानते हैं। इस मामले की निष्पक्ष व स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से जांच होनी चाहिए।

दर्द भरी है कथित रेप पीडिता की सुनाई गई दास्ताँ

कथित रेप पीडिता किशोरी ने जो दास्ताँ पुलिस को बताया है वह काफी दर्दनाक और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली है। उसका कहना है कि एक दिन उसके स्कूल की छुट्टी हुई तो उसके पापा उसे लेने आए और स्टेशन के पास एक होटल में ले गए, जहां बाहर एक महिला उसे खड़ी मिली, जो उसे होटल में ले गई।  उसे एक कमरे में बैठाकर चली गई। फिर उसे इतना पता कि वहां पर एक आदमी आया, जिसे वह नहीं जानती। इसके बाद वह बेहोश हो गई। जब वह होश में आई तो उसके जूते और कपड़े बिखरे पड़े थे। उसे पेट में बहुत दर्द हो रहा था, लेकिन उसे कोई लेने नहीं आया। किशोरी का कहना है कि उसने पापा, नेताओं, ताऊ-चाचा और भाई के दुष्कर्म वाली बात मां को बताई तो मां उसे महिला थाने ले गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

यह बात उसके पापा को पता चली तो उन्होंने उसे बहुत बेरहमी से मारा और लॉकडाउन में कई बार दुष्कर्म किया। गलत काम करने से पहले पापा उसकी मां को दवाइयां देकर बेहोश कर देते थे। पीडिता ने बताया कि 13 जुलाई 21 को मंझले ताऊ की लड़की की शादी हुई तो वहां उसे बेचने की प्लानिंग बनाई लेकिन वह फेल हो गई। आठ अगस्त को उसके छोटे चाचा खत्म हो गए तो वह भी वहां गई थी। उधर, उसकी मां के साथ गलत काम का प्रयास किया गया। किशोरी का कहना है कि उसके साथ वर्षों से यह घृणित काम करने वालों में सब लोगों के साथ उसके परिवार के भी नौ लोग भी मिले हुए हैं।



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