कर्णाटक जैन मुनि हत्याकांड: अभियुक्त नारायण माली और हसन को भेजा अदालत ने 8 दिनों की पुलिस रिमांड पर, पुलिस को शक और भी हो सकते है घटना में शामिल, पढ़े FIR में क्या है हत्या का कारण

Karnataka Jain Muni murder case: Court sent accused Narayan Mali and Hasan on police remand for 8 days, police suspect more may be involved in the incident, read FIR what is the reason for the murder

शाहीन बनारसी

डेस्क: कर्णाटक में जैन मुनि कामकुमार नंदी की हत्या कर उनके शव के टुकड़े कर बोरवेल में फेकने के आरोपी हत्या अभियुक्त नारायण माली और उसके ड्राईवर दोस्त हसन को अदालत ने कल मंगलवार को 8 दिनों की पुलिस रिमांड पर दिया है। पुलिस को आशंका है कि इस हत्याकांड में और लोग भी शामिल हो सकते है।

वही इस प्रकरण में सियासत भी अपनी आवाज़े बुलंद कर रही है। भाजपा ने इसमें ‘आतंकी संगठन ISIS की साजिश’ का आरोप लगाते हुवे मामले की सीबीआई जाँच हेतु मांग किया है। जबकि कर्णाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड्गे ने कहा है कि जैन समाज राज्य सरकार की जाँच से संतुष्ट है और उन्हें किसी दूसरी जाँच एजेंसी से जाँच की मांग नही किया है।

क्या है मामला

मामला बेलगावी जिले के चिकोडी तालुका के हिरेकोडी गांव में स्थित नंदीपर्वत आश्रम का है। मिली जानकारी के अनुसार 6 जुलाई को खबर आई कि आश्रम में रहने वाले आचार्य कामकुमार नंदी लापता हैं। उन्हें 5 जुलाई की रात आश्रम में उनके कमरे में देखा गया था। 7 जुलाई को जैन मुनि के शिष्यों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके बाद 8 जुलाई की शाम जैन मुनि का शव मिला रायबाग तालुका के कटकभावी गांव में एक बोरवेल में मिला। शव के टुकड़े किए गए थे। पुलिस ने इस हत्या के आरोप में नारायण माली और हसन नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में दर्ज ऍफ़आईआर में बताया गया कि नारायण माली और हसन ने जैन मुनि का मर्डर किया। ऍफ़आईआर के मुताबिक दोनों आरोपियों ने 5 जुलाई की रात पहले जैन मुनि को बिजली का झटका देकर मारने की कोशिश की। जब वो इसमें कामयाब नहीं हुए तो गला घोंटकर जैन मुनि की हत्या कर डी और सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने जैन मुनि के शव को एक बोरे में भरकर उसे बाइक से लेकर रायबाग तालुका के कटकभावी गांव गए जहाँ दोनों ने कथित तौर पर जैन मुनि के शरीर के टुकड़े कर बोरवेल में डाल दिया।

इस हत्या के मामले में पुलिस दो आरोपियों नारायण माली और उसके ड्राईवर दोस्त हसन को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक 11 जुलाई को बेलगावी जिला अदालत ने दोनों आरोपियों को 8 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेजा। इस मामले में पुलिस को और लोगों के शामिल होने का भी शक है, जिसकी जांच जारी है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नारायण ने जैन मुनि से लाख रुपये उधार लिए थे, लेकिन उन्हें वापस नहीं किया। नारायण आश्रम के पास ही खेती का काम करता है। पुलिस ने कहा कि जब जैन मुनि ने पैसे लौटाने पर जोर दिया तो नारायण ने अपने ड्राइवर दोस्त हसन की मदद से उनकी हत्या कर दी।

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