‘शाहबाद: अकीदत और एहतराम के साथ मुकम्मल हुआ कुरान-ए-पाक’; 27वीं तरावीह पर बाजार वाली मस्जिद रज़ा मुस्तफा में उमड़ा जनसैलाब, देश में अमन की मांगी दुआ
शाहबाद: बाजार वाली मस्जिद रज़ा मुस्तफा में 27वीं तरावीह पर मुकम्मल हुआ कुरान शरीफ। हाफ़िज़ राशिद रज़ा की खूबसूरत तिलावत से रूहानी हुआ माहौल। मुल्क में अमन-चैन और भाईचारे के लिए की गई विशेष दुआ। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

गौरव जैन
शाहबाद, रामपुर (PNN24 News): माहे-रमजान के मुकद्दस महीने में इबादतों का दौर जारी है। इसी क्रम में शाहबाद स्थित ‘बाजार वाली मस्जिद रज़ा मुस्तफा’ में 27वीं तरावीह के मौके पर कुरान शरीफ मुकम्मल (पूर्ण) हुआ। इस रूहानी महफिल में बड़ी संख्या में जायरीन और स्थानीय मोमिनों ने शिरकत की।
1. हाफ़िज़ राशिद रज़ा की खूबसूरत तिलावत
मस्जिद रज़ा मुस्तफा में आयोजित इस तरावीह में हाफ़िज़ मोहम्मद राशिद रज़ा ने अपनी सुरीली और दिलकश आवाज़ में कुरान-ए-पाक की तिलावत की। पूरे रमजान के दौरान उन्होंने बेहद खूबसूरती के साथ कलाम-ए-इलाही को सुनाया, जिससे सुनने वाले मंत्रमुग्ध हो गए। इस दौरान हाफ़िज़ गुलाम ने कुरान शरीफ सुना (समीक्षा की)।
2. रमजान की फजीलत पर बयान
कुरान मुकम्मल होने के बाद हाफ़िज़ गुलाम ने रमजान की अहमियत पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा:
- महीनों का सुल्तान: रमजान का महीना बाकी सभी महीनों से अफजल (श्रेष्ठ) है।
- इबादत का सवाब: इस महीने में की गई इबादत का दर्जा और सवाब कई गुना बढ़ जाता है। यही कारण है कि मोमिन इस महीने में कसरत से रोज़े रखते हैं और कुरान की तिलावत करते हैं।
3. मुल्क में अमन-चैन की दुआ
खत्म-ए-शरीफ के बाद फातिहा ख्वानी हुई, जिसमें विशेष तौर पर भारत देश की खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे (अमन-चैन) के लिए सामूहिक दुआ मांगी गई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों के बीच ‘तबररुख’ (प्रसाद) का वितरण किया गया।
4. कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य
इस मुबारक मौके पर मुख्य रूप से इमरान रज़ा, रफ़ीक मलिक, असलम मलिक, आरिफ मलिक, इरफ़ान मलिक, अली सैफी, अकबर सैफी सहित भारी संख्या में नमाज़ी मौजूद रहे।
📌 PNN24 का नजरिया:
रमजान का महीना हमें धैर्य, इबादत और भाईचारे का संदेश देता है। मस्जिदों में कुरान मुकम्मल होने के ये कार्यक्रम समाज में एकता और रूहानियत को बढ़ावा देते हैं। PNN24 News की ओर से सभी पाठकों को रमजान के इस पाक महीने की मुबारकबाद।











