एमएलसी चुनाव – पूर्वांचल में मजबूत होती सपा की पकड़, दे रही है भाजपा के पेशानी पर परेशानी का बल

तारिक आज़मी
वाराणसी। वाराणसी शिक्षक एमएलसी इलेक्शन के रिजल्ट ने सत्तारूढ़ भाजपा को चौका दिया। अप्रत्याशित तरीके से चुनाव में भाजपा प्रत्याशी चेतनारायण सिंह का तिलिस्म तोड़ कर सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने जिस प्रकार से चुनाव जीता है वह भाजपा की नींद उड़ाने के लिए काफी रहा। इस जीत से पूर्वांचल में सपा ने अपनी जमीन मजबूत की है। शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा के चेतनारायण सिंह के तिलिस्म को सपा के लाल बिहारी यादव ने तोड़ दिया है। वही, स्नातक निर्वाचन के प्रथम वरियता के मतों में सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने भाजपा के केदारनाथ सिंह को पिछाड़ दिया।

चेत नारायण सिंह इस सीट पर दो बार अपना परचम लहराया चुके है। लगातार दो बार विधायक बनने के बाद भाजपा ने तीसरी बार उनपर विश्वास करके उन्हें चुनाव मैदान में उतारा था। इस बार भाजपा का शीर्ष नेतृत्व एमएलसी चुनाव को लेकर बहुत संजीदा था। पिछले कई चुनावों में मोदी लहर और चमात्कार के भरोसे विजय प्राप्त कर रही भाजपा के स्थानीय नेतृत्व को इस बार भी ऐसी ही उम्मीद थी। विपक्ष को कमजोर मानकर बैठे पदाधिकारी व जनप्रतिनिधियो ने कुछ अति विश्वास चेतनारायण सिंह पर कर डाला था और विपक्ष को कमज़ोर समझ रखा था। मगर इस दरमियान सपा ने मतदाताओ से संपर्क जारी रखा। बूथ बूथ पर सपा ने अपनी पकड़ मजबूत किया। अब नतीजे दिखाते है कि सपा ने एक बड़े मतदाता समूह पर अपनी पकड़ मजबूत कर लिया है।
वाराणसी खंड के आठ जिले भाजपा के लिए महत्वपूर्ण हैं और जनप्रतिनिधियों की लंबी कतार मौजूद है। इसके अलावा दो बार निर्वाचित हुवे चेतनारायण सिंह की खुद की पकड़ भी ज़बरदस्त थी। मगर इसके बावजूद भी भाजपा की हार ने कई सवाल खड़े कर दिए है। इसके पहले पिछले माह मल्हानी चुनाव में भी सपा की जीत ने बड़ी उपलब्धी हासिल किया था। अब भाजपा की फिक्र काफी बढ़ी हुई होगी क्योकि सपा ने पूर्वांचल में अपनी पकड़ मजबूत होने की झलक दिखा दिया है। वही सपाई अब और भी जोश के साथ कहते फिर रहे है कि 2022 में सायकिल आ रही है।











