पद्मविभूषण छन्नू लाल मिश्र की बेटी की मृत्यु के बाद एक बार फिर लगा प्राइवेट कोविड हॉस्पिटल मेडविन पर बड़ा आरोप, मौके पर पहुची पुलिस जुटी जाँच में

अनुराग पाण्डेय

वाराणसी। कोविड के इलाज हेतु प्राइवेट अस्पतालों की धन उगाही के सम्बन्ध में लगातार खबरे आ रही है। पिछले कोरोना काल में भी कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित मेडविन अस्पताल पर बड़े आरोप लगे थे। फिर एक बार आज शहर बनारस की शान पद्मविभूषण छन्नू लाल मिश्र की बेटी के मौत पर सवाल उठाते हुवे उनकी दूसरी बेटी ने इस अस्पताल पर लापरवाही बरतने और फीस तथा दवाओं के नाम पर लाखो रुपया लेने का आरोप लगा है।

हुआ कुछ इस प्रकार कि पद्मविभूषण छन्नू लाल मिश्र की बड़ी बेटी को कोरोना संक्रमण के कारण कोतवाली थाना क्षेत्र के मेडविन अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जिनकी शनिवार को मौत हो गई। इलाज के दरमियान आरोप है कि अस्पताल ने लाखो रुपया इलाज के नाम पर लिया मगर उनका प्रोपर इलाज नही किया गया। बताते चले कि पद्मविभूषण छन्नू लाल मिश्र की पत्नी की भी कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो चुकी है।

आज पद्मविभूषण छन्नू लाल मिश्र की बेटी नम्रता ने अस्पताल पहुच कर अस्पताल प्रबंधन से अपनी बहन को दिए गए इलाज की जानकारी मांगी। अगर नम्रता के आरोपों को आधार माने तो अस्पताल प्रबंधन ने लाखो रुपया इलाज के नाम पर ले डाला था और इलाज में लापरवाही भी बरती। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन से कई बार परिजनों ने मरीज़ से मिलने की इल्तेजा किया मगर अस्पताल प्रबंधन मिलने नही दे रहा था। आखिर मृतक से मिलने के लिए एक व्यक्ति को परिवार में अनुमति दिया मगर मरीज़ से बात नही करने दिया गया।

नम्रता का आरोप है कि अस्पताल प्रबन्धन और उससे जुड़े डाक्टरों ने बताया कि जीवन रक्षक एक इंजेक्शन जिसकी कीमत 45 हज़ार है वह मरीज़ को लगाया जा चूका है। साथ ही दूसरा इंजेक्शन जिसकी कीमत 35 हज़ार है लगाया जायेगा। फिर आखिर जब इतने महंगे महंगे इंजेक्शन लगे और अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि सबसे अच्छे वेंटीलेटर पर उनको रखा गया था तो फिर मेरी बहन की मौत कैसे हुई ?

आज इस सम्बन्ध में इलाज की जानकारी और सीसीटीवी फुटेज मांगने नम्रता अस्पताल पहुची और उन्होंने चिकित्सको से बात किया। नम्रता का आरोप है कि कोई चिकित्सक किसी प्रकार की जानकारी देने को तैयार ही नही हुआ और किसी प्रकार की कोई सीसीटीवी फुटेज तक नही दिखाई जा रही है। इसी मामले को लेकर नम्रता और साथ आये अन्य परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुचे मीडिया कर्मियों को रो रो कर नम्रता ने हाल बयान किया और अपील किया कि इस मामले का खुलासा हो,

वही मामले की जानकारी मिलने पर एसीपी कोतवाली प्रवीण सिंह के निर्देशन पर थाना प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मौके पर पहुचे और परिजनों को शांत करवाया तथा उनकी समस्याओं और आरोपों को ध्यान पूर्वक सुना। पद्मविभूषण छन्नू लाल मिश्र की बेटी नम्रता ने इस सम्बन्ध में लिखित शिकायत थाना कोतवाली को प्रदान क्क्य है। पुलिस ने परिजनों को निष्पक्ष जाँच का आश्वासन दिया और उनको शांत करवा कर घर भेजा। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया है कि प्रकरण में तहरीर के आधार पर आरोपों की जाँच किया जा रहा है। जाँच में जैसा तथ्य सामने आएगा उस पर विधिक कार्यवाही होगी,



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