दुनिया की मदद करने वाले सौरभ के लिए नहीं बढे मदद के हाथ, जानकारी मिलने पर दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह ने पेश किया मानवता की ये मिसाल

ए जावेद

वाराणसी। सौरभ मौर्या से भले आप मिले हो या न मिले हो, मगर नाम किसी परिचय का शायद मोहताज नही है। स्वास्थ्य सम्बन्धित समाजसेवा के लिए सौरभ मौर्या पर केवल बनारस ही नहीं बल्कि पूरा पूर्वांचल गर्व करता है। साधना फाउंडेशन के सस्थापक सौरभ मौर्या के नाम पुरे एशिया में एसडीपी और ब्लड डोनेशन का रिकार्ड दर्ज है। अब तक सौरभ और उनकी संस्था 100 बच्चो को गोद लेकर उनकी परवरिश कर चुके है। ऐसे समाजसेवक के ऊपर जब मुश्किल वक्त आया तो मदद का कोई हाथ नही बढ़ा। जानकारी मिलने पर वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र के दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह ने मदद का हाथ बढ़ाया और मानवता की मिसाल कायम किया जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

हुआ कुछ इस तरह से कि कल शनिवार को सौरभ मौर्या शिवपुर से कुछ कार्यो हेतु बाबतपुर जा रहे थे। इस दरमियान उनका एक एक्सीडेंट हो गया। एक्सीडेंट में सौरभ मौर्या घायल हो गए। उनके साथियों ने जानकारी मिलने पर उन्हें एक निजी चिकित्सालय में भर्ती करवाया। पाँव के घुटनों पर गंभीर चोट आई थी। डाक्टरों ने घुटने का एम्आरआई जाँच लिख दिया। बताते चले कि यह एक महँगी जांच होती है। अमूमन इस जांच के 8-9 हज़ार रुपया खर्च हो जाता है। सौरभ के पास का पैसा दवा इलाज के लिए खर्च हो चूका था। समाजसेवक के पास वैसे भी पैसो का अभाव आ ही जाता है।

दुनिया की मदद करने वाले सौरभ मौर्या के मदद को कोई हाथ सामने नहीं आया था। गैरतमन्द सौरभ खुद के मदद हेतु किसी से कहने वाले भी नहीं थी। इस मामले की जानकारी काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्र और समाजसेवक शिवम् झा को हुई। शिवम् एक छात्र होने के नाते एमआरआई करवाने में खुद भी असमर्थ था और उसने इसकी जानकारी दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह को दिया। जानकारी होने के बाद प्रकाश सिंह ने सौरभ मौर्या के एमआरआई का तत्काल इंतज़ाम करवाया। एमआरआई की लगने वाली फीस का भुगतान प्रकाश सिंह ने अपने पास से किया। रिपोर्ट आने के बाद सौरभ का प्रॉपर इलाज शुरू हो गया है। अभी वह बेहतर महसूस कर रहे ई।

इसके अलावा अस्पताल से डिस्चार्ज करवाते समय अस्पताल के बकाया खर्च और दवाओं की कीमत प्रकाश सिंह ने चुका कर मानवता की मिसाल पेश किया। सौरभ मौर्या के पास दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज के आभार व्यक्त करने के लिए शायद शब्द कम पड़ रहे थे। जो हर एक शख्स के लिए मदद को खड़ा रहता रहे उस इंसान के वक्त पर मदद के हाथ आगे नही बढ़े थे। प्रकाश सिंह के गले लगकर सौरभ मौर्या ने धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रकाश सिंह ने आगे के सभी इलाज हेतु बेफिक्र रहने का सौरभ मौर्या को आश्वासन दिया और साथ ही शिवम् झा को विशेष रूप से उनका ख्याल रखने और किसी ज़रूरत के वक्त तुरंत बेझिझक बताने को कहा। भेलूपुर क्षेत्र में प्रकाश सिंह के लिए “दिलवाला, वर्दी वाला” जैसे प्रशंसनीय शब्द इस्तेमाल हो रहे है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *