वाराणसी विकास प्राधिकरण की वीसी साहिब, क्या ये सम्भव है कि भेलूपुर ज़ोन के नवाबगंज में मानक के विपरीत इतना बड़ा निर्माण हो रहा और स्थानीय जोनल और जेई को मालूम ही नही हो ?

तारिक़ आज़मी

वाराणसी: वाराणसी विकास प्राधिकरण की वीसी ईशा दोहन बेशक एक सख्त अधिकारी है। इसकी नजीर इस बात से मिलती है कि कई सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं द्वारा किया जा रहा अवैध निर्माण उन्होंने बंद करवा दिया। लाख दबाव बनाने की कोशिश हुई होगी, मगर दबाव कोई काम न आया और नियम सबके लिए एक सामान होता है इस बात को उन्होंने स्पष्ट रूप से बता दिया। अधिनस्थो की शिकायत सही पाए जाने पर जबरदस्त कार्यवाही भी किया, ताकि कोई मिस गाइड न कर सके। मगर हकीकत ये है कि आज भी उनके अधीनस्थ है जो सिर्फ और सिर्फ इस गाइड करने का ही काम करते है।

ताज़ा मामला वाराणसी के भेलूपुर ज़ोन में आने वाले नवाबगंज क्षेत्र का है। प्रधानमन्त्री कार्यालय के चंद कदमो की दुरी स्थित सेन्ट्रल एकेडमी स्कूल के ठीक सामने एक बड़े भूखंड पर निर्माण जारी है। वाराणसी विकास प्राधिकरण के स्थानीय जेई गुप्ता जी के कथनानुसार इस बड़े भूखंड जो शायद वाराणसी जनपद के शहरी सीमा का सबसे बड़ा निर्माण है पर डुप्लेक्स का नक्शा पास है। अब नक्शा पास है अथवा अभी प्रोसीजर में है इसकी हम पुष्टि नही करते है। अगर ये डुप्लेक्स भी पास है तो कोई भी निर्माण की जानकारी रखने वाला बता सकता है कि इस डुप्लेक्स के नाम पर एक बड़ा बेसमेंट तैयार हो रहा है।

हाल ऐसा ही कि अगर ज़मीन की पूरी नापी करवाया जाए तो सेन्ट्रल एकेडमी वाले इस संपत्ति के मार्ग पर जो सरकारी नक़्शे में कुल 7 फिट चौड़ी गली है मौजूदा हाल में महज़ 5 फिट भी मुश्किल से बची हुई है। अब बात इतनी है कि फिर बकिया 2 फिट चौड़ाई की गली या तो सेन्ट्रल एकेडमी स्कूल के हत्थे चढ़ी है या फिर इस हो रहे नियमो के विपरीत निर्माण के हत्थे चढ़ गई है। अब यहाँ अन्दर खाने की खबर पर ध्यान दे तो कहने को तो डुप्लेक्स का नक्शा पास होने की बात है। मगर मौके पर कमर्शियल भवन बनाने की पूरी तैयारी है। धन बल से मजबूत बिल्डर के साथ देश में समाजवादी पार्टी के एक बड़े नेता का ना भी जुडा हुआ दिखाई दे रहा है। मगर इसकी पुष्टि कागज़ातो से नही होती है।

बहरहाल, मैडम बात इतनी सी है कि गुप्ता जी ने हमको तो बता दिया कि डुप्लेक्स का नक्शा पास है और डुप्लेक्स बन रहा है। मगर बात ये है कि डुप्लेक्स के नियमानुसार लिंक मार्ग 9 मीटर का होना चाहिये, गुप्ता जी शायद ध्यान नही दिए है कि 9 मीटर छोड़े साहब 9 फिट भी लिंक मार्ग नहीं है। जो पिलर ढले है वह लगभग 15 फिट गहरे है ऐसा हमारे सूत्र बताते है। जो इस बात को साबित करने की कोशिश कर रहे है कि बेसमेंट की पूरी तैयारी है। अब सवाल ये है कि मौजूदा हाल में 5 फिट की गली के अन्दर डुप्लेक्स का नक्शा किन तथ्यों को छिपा कर पास करवाया गया है। या फिर सियासत का बड़ा दबाव काम आया है। या फिर गुप्ता जी की नजर-ए-इनायत का करम है। जो भी हो कुछ तो है जिसकी की पर्दादारी है।

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