मौलाना निकला शैतान: मौलाना जरजिस अंसारी को वाराणसी की अदालत ने माना ज़’नाकर (बलात्कारी), कल होगा सजा का एलान, वाराणसी में पीडिता ने दर्ज करवाया था ऍफ़आईआर, जाने कौन है मौलाना जर्जिस

तारिक़ आज़मी

वाराणसी: वाराणसी में आज से लगभग 6 साल पहले रेप और ब्लैकमेल के मामले में इटावा का चर्चित मौलाना जरजिस आज अदालत द्वारा ज़’नाकारी (बलात्कार) का दोषी साबित हुआ है। वाराणसी की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मौलाना जर्जिस को तमाम सबूतों और गवाहों के बयानों के मद्देनज़र इस बलात्कार के मामले में कुसूरवार करार पाया है। मौलाना जर्जिस को इस मामले में हिरासत में ले लिए गया है। अदालत कल आरोपी मौलाना को सजा सुनाएगी।

वाराणसी के जैतपुरा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक पीडिता ने मुकदमा दर्ज करा कर बताया था कि मौलाना जरजिस वाराणसी में तकरीर करने के लिए आता था। उस दौरान वह वाराणसी के होटलों में रुकता था। तकरीर के दौरान ही वर्ष 2013 में उसका परिचय मौलाना जरजिस से हुआ था। उसी दौरान उसने पीडिता को होटल में बुलवाया था। जहा मौलाना सैतान के शक्ल में आ गया और उसके साथ बलात्कार किया। साथ ही मौलाना ने उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया था। जिसके बाद मौलाना ने उससे खुद को कुवारा बताया और निकाह का झांसा दिया। निकाह का झासा देकर मौलाना जरजिस ने उसके साथ अलग-अलग होटलों में कई बार दुष्कर्म और कुकर्म किया। हद तो इस मौलाना की तब खत्म हो गई जब उसने 19 नवंबर 2015 को पीडिता के घर आकर दुष्कर्म किया।

पीडिता ने अपनी शिकायत में बताया था कि विरोध करने पर मौलाना उसको समाज में बदनाम करने के साथ ही जान से मारने की धमकी देता था। काफी मिन्नतों के बाद भी मौलाना जरजिस ने उसके साथ निकाह नहीं किया। साथ ही जानकारी हासिल हुई कि मौलाना शादीशुदा है और उसके बच्चे भी है। जिसके बाद पीडिता ने तत्कालीन वाराणसी के एसएसपी से मिल कर उनको शिकायती प्रार्थना पत्र देकर इन्साफ की गुहार लगाया था। जानकारी के अनुसार अपनी शिकायत के साथ पीडिता ने तत्कालीन एसएसपी को मौलाना जर्जिस अंसारी की काल रेकार्डिंग भी अपने आरोपों के साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया था। जिसके बाद एसएसपी के निर्देश पर जैतपुरा थाने में मौलाना जरजिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।

अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता व 4 गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मौलाना जरजिस को रेप सहित अन्य आरोपों में दर्ज मुकदमे में दोषी करार दिया है। दोषी करार दिए जाते ही मौलाना जरजिस को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। कल अदालत सजा पर सुनवाई करेगी। हिरासत में लिया गया मौलाना मीडिया के कैमरों से अपना मुह छिपा लिया।

कौन है मौलाना जर्जिस जो निकला शैतान

मौलाना जर्जिस इटावा का रहने वाला है। इसके बारे में माना जाता है कि यह एक बडबोले किस्म का मौलाना है। अक्सर ही अपने विवादित बयानों को देकर यह चर्चा बटोरना चाहता है। खुद को इस्लामिक उपदेशक होने का दावा करने वाले इस मौलाना और विवाद का पुराना नाता है। अभी वर्ष 2022 के जून में इसने एक विवादित बयान दिया था। अपनी एक तकरीर में इसने महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था। इसने महिलाओं को पुरुषों के अधीन करार दिया था। तकरीर में इसने कहा था कि महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान भी अपने पति के साथ सेक्स के लिए तैयार रहना चाहिए। फिर उसने इस मसले पर काफी विस्तार से बात की। बच्चा जनने के दौरान तक वे इस प्रकार से पति को संतुष्ट करने के लिए महिलाओं को तैयार रहने की बात करता नजर आया था। इसके अलावा मौलाना अंसारी ने बाल्मीकि समाज को लेकर भी गंभीर टिप्पणी की। महिलाओं की तुलना भी इस समाज से वह कर बैठा था। इस मसले पर एनसीएससी ने अब कड़ा रुख अपना लिया था।

शरियत के मद्देनज़र कई आलिमो ने भी मौलाना जर्जिस अंसारी के इस बयान की आलोचना किया था। इसके बडबोले पन का अंदाजा आप इसी से लगा सकते है कि इसी बलात्कार के मामले में जेल से ज़मानत पर रिहा होने के बाद इसने वर्ष 2019 में अपने बयान में प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के मुखालिफ काफी आपत्तिजनक बयांन दिया था। अपने बडबोलेपन में यह ये भी दावा कर बैठा था कि उसको देश से निकालने की कोशिश हो रही है। अगर ऐसा हुआ तो देश के हर कोने में जेहाद करवा दूंगा।

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