पुरुषों के लिए पेशाब: खड़े होकर या बैठकर? विज्ञान और सेहत क्या कहती है?

निलोफर बानो
PNN24 न्यूज़, नई दिल्ली। यह सवाल जितना सरल लगता है, उतना ही पुराना भी है—पुरुषों को पेशाब (Urine) खड़े होकर करना चाहिए या बैठकर? यह केवल सभ्यता या आदत का मामला नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध स्वास्थ्य (Health), सफाई (Hygiene) और वैज्ञानिक तर्कों से है। जबकि पश्चिमी देशों में खड़े होकर पेशाब करना आम है, वहीं एशिया और कुछ यूरोपीय देशों में बैठकर पेशाब करने को बेहतर माना जाता है। आइए जानते हैं कि विज्ञान और डॉक्टर इस बारे में क्या कहते हैं।
विज्ञान की राय: बैठकर पेशाब करना बेहतर क्यों?
डॉक्टरों और यूरोलॉजिस्ट (Urologist) की मानें तो, बैठकर पेशाब करना पुरुषों के लिए कई मायनों में अधिक फायदेमंद हो सकता है:
1. मूत्राशय (Bladder) पूरी तरह खाली होना
- खड़े होकर: खड़े होने की मुद्रा में पेट और पेल्विक मांसपेशियां (Pelvic Muscles) पूरी तरह से रिलैक्स नहीं हो पाती हैं। इससे मूत्राशय पर दबाव पड़ता है और पेशाब पूरी तरह से बाहर नहीं निकल पाता।
- बैठकर: बैठने से पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां पूरी तरह से शिथिल (Relax) हो जाती हैं। इससे मूत्राशय आसानी से और पूरी तरह से खाली हो जाता है।
पेशाब पूरी तरह से न निकलने पर मूत्राशय में बचा हुआ यूरिन यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) और मूत्राशय की पथरी (Bladder Stones) जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है। यह समस्या प्रोस्टेट ग्रंथि से जुड़ी समस्याओं वाले पुरुषों के लिए और भी गंभीर हो सकती है।
2. प्रोस्टेट स्वास्थ्य (Prostate Health)
- जिन पुरुषों को प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या है (Benign Prostatic Hyperplasia – BPH), उनके लिए बैठकर पेशाब करना सबसे अच्छा है। बैठने से पेशाब का प्रवाह (Urine Flow) बेहतर होता है और जोर कम लगाना पड़ता है।
3. ब्लड प्रेशर पर प्रभाव
- कुछ शोध बताते हैं कि खड़े होने की तुलना में बैठकर पेशाब करने पर ब्लड प्रेशर पर कम दबाव पड़ता है और यह हृदय के स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर हो सकता है।
सफाई और शिष्टाचार (Hygiene & Etiquette)
बैठकर पेशाब करने का एक बड़ा फायदा सफाई से जुड़ा है, जिसकी अक्सर अनदेखी की जाती है:
- छीटों की समस्या: खड़े होकर पेशाब करने पर छींटे आस-पास की सतहों (जैसे फर्श, टॉयलेट सीट) पर पड़ते हैं, जिससे कीटाणु फैलने और दुर्गंध आने की समस्या होती है।
- सफाई में आसानी: बैठकर पेशाब करने से यह समस्या खत्म हो जाती है, जिससे टॉयलेट और घर की सफाई व्यवस्था बनी रहती है।
तो क्या खड़े होकर पेशाब करना पूरी तरह गलत है?
नहीं। स्वस्थ युवाओं के लिए, जो किसी भी मूत्राशय या प्रोस्टेट की समस्या से ग्रस्त नहीं हैं, खड़े होकर पेशाब करने में कोई वैज्ञानिक हानि नहीं है। यह अक्सर सार्वजनिक शौचालयों में सफाई कारणों से अधिक सुविधाजनक होता है।
निष्कर्ष
वैज्ञानिक और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से, बैठकर पेशाब करना पुरुषों के लिए एक बेहतर और स्वस्थ विकल्प है, क्योंकि यह मूत्राशय को पूरी तरह खाली करने में मदद करता है और भविष्य में यूटीआई और प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं के खतरे को कम करता है। यह सिर्फ आदत बदलने की बात है, जिससे आप अपने स्वास्थ्य और घर की सफाई दोनों को बेहतर बना सकते हैं।











